अर्द्धसैनिक बलों के जवानों को भी अब फौजियों की तरह मिलेंगी सुविधाएं

चंडीगढ़, Reporter। हरियाणा में अर्द्ध सैनिकों को अब फौजियों के समान सुविधाएं देने की तैयारी है। प्रदेश सरकार ने इस दिशा में कदम उठाते हुए पूर्व सैनिकों एवं रिटायर्ड अद्ध सैनिकों की एसोसिएशनों से सुझाव मांगे हैं। पूर्व सैनिकों से दूसरे राज्यों की पॉलिसी का अध्ययन कर रिपोर्ट मांगी गई है ताकि यहां भी वह तमाम सुविधाएं दी जा सकें। इसके अलावा उन सभी विभागों की जानकारी मांगी गई है जहां पूर्व सैनिकों और अर्धसैनिकों को रिटायरमेंट के बाद एडजस्ट किया जा सकता है।


सेना के मौजूदा व पूर्व जवानों के मुकाबले अर्धसैनिक बलों को मिलने वाली सुविधाओं में खासा अंतर है। पैरामिलिट्री फोर्स के मौजूदा व पूर्व जवान कई बार सरकार के सामने अपनी मांग उठा चुके हैं। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने पहली पारी में ही सैनिक व अर्धसैनिकों के लिए अलग से विभाग का गठन कर दिया था जिसे पॉलिसी में आवश्यक सुझावों की जिम्मेदारी सौंपी गई है।मौजूदा सरकार में इस विभाग को संभाल रहे ओमप्रकाश यादव ने बताया कि प्रदेश सरकार अर्धसैनिक बलों के जवानों की समस्याओं का अध्ययन करवा रही है। सैनिकों व अर्धसैनिकों के पूर्व जवानों की एसोसिएशन और यूनियन  पदाधिकारियों के साथ जल्द ही बैठक होगी। यूनियनों से कहा गया है कि वे दूसरे राज्यों में सैनिकों व अर्धसैनिकों को मिलने वाली सुविधाओं का बारीकी से अध्ययन कर रिपोर्ट दें। इसे मुख्यमंत्री के समक्ष रखा जाएगा ताकि सैन्य व अर्द्धसैनिक बलों के जवानों व पूर्व जवानों में समानता लाई जा सके।यादव ने कहा कि मौजूदा सरकार ने उन शहीदों के आश्रितों को भी योग्यता अनुसार नौकरी दी है, जिन्हें शहीद हुए 15 से 20 साल या इससे भी अधिक वक्त हो चुका था। पूर्व सैनिकों की सेवाएं विभिन्न विभागों में ली जा सकें, इसके लिए भी योजना बनाई जा रही है। सरकारी नौकरियों में एक्स-सर्विसमैन के लिए आरक्षण पहले ही लागू है।


सैनिक और अर्द्धसैनिक कल्याण मंत्री ने कहा कि मौजूदा सरकार ने पूर्व फौजियों को हरियाणा पुलिस में विशेष पुलिस ऑफिसर के पद पर नियुक्ति दी है। विभिन्न जेलों में भी अनुबंध आधार पर रिटायर्ड फौजियों को लगाया गया है। यादव ने कहा कि देश की रक्षा के लिए बलिदान देने में हरियाणा के जवान सबसे आगे रहते हैं। सेना में हर दसवां जवान हरियाणा से है।