कोविड-19 की नई स्‍ट्रेन से सतर्क सरकार, अंतरराष्‍ट्रीय एयरपोर्ट के लिए जारी हुए नए SOPs

 स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय ने जारी किया का नया SOP

ब्रिटेन में कोविड-19 की नई स्‍ट्रेन मिलने से हड़कंप है इसक्रम में सचेत भारतीय स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय ने नए गाइडलाइंस जारी किए हैं। अब तक ब्रिटेन से भारत आने वाले 8 से अधिक यात्री संक्रमित पाए गए हैं।

नई दिल्‍ली, एएनआइ। केंद्रीय स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय ने मंगलवार को स्‍टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) जारी किया है। इसके तहत कोविड-19 महामारी की निगरानी और हालात को देखते हुए लिए गए फैसलों के लिए होगा। यह कदम ब्रिटेन में कोरोना वायरस के नए स्‍ट्रेन से फैलने वाले संक्रमण की जानकारी मिलने के बाद ली गई है। 25 नवंबर से 8 दिसंबर के बीच ब्रिटेन से भारत आने वाले अंतरराष्‍ट्रीय यात्रियों से जिला निगरानी अधिकारी संपर्क करेंगे और उन्‍हें अपने स्‍वास्‍थ्‍य के प्रति सचेत और सतर्क रहने की सलाह के साथ सेल्‍फ मॉनिटरिंग के लिए भी कहेंगे। 

मंत्रालय ने कहा, 'राज्‍य सरकारों को यह सुनिश्‍चित कराना होगा कि ब्रिटेन से आने और जानेवाले यात्रियों का RT-PCR अनिवार्य तौर पर किया जाए। यदि ये पॉजिटिव पाए जाते हैं तो सैंपल का जीन आधारित RT-PCR टेस्‍ट भी किया जाना चाहिए।

- अंतरराष्‍ट्रीय एयरपोर्ट पर सभी अंतरराष्‍ट्रीय पर्यटकों को पहले की तरह पिछले 14 दिनों की अपनी ट्रैवल हिस्‍ट्री देनी होगी और कोविड-19 स्‍क्रीनिंग के लिए सेल्‍फ डिक्‍लेरशन फार्म देना होगा।

- आगे की आदेश तक ब्रिटेन से उड़ानों को 23 दिसंबर से स्‍थगित कर दिया गया है। 21 से 23 दिसंबर तक ब्रिटेन से आने वाले यात्रियों को निम्‍न नियमों का पालन करना होगा-

1. संबंधित राज्य सरकार ये सुनिश्चित करेंगे की ब्रिटेन से आने वाले यात्रियों का आरटी पीसीआर टेस्ट हुआ हो। साथ ही पॉजिटिव सैंपल का spike gene based RT-PCR test उचित लैब से करवाना होगा।

2. पॉजिटिव यात्रियों को इंस्टिट्यूशनल आइसोलेशन फैसिलिटी में अलग रखा जाएगा। इसके लिए अलग से इंतजाम के भी निर्देश दिए गए। इनका सैंपल नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी पुणे में या किसी लैब में भेज कर genomic sequencing करवाना होगा।

3. इसके बाद यदि रिपोर्ट में संक्रमण वाले वायरस के स्‍ट्रेन की पहचान होती है और यदि यह स्‍ट्रेन भारत में पहले मौजूद वायरस का है तो इलाज प्रोटोकॉल के अंतर्गत इसे लिया जाएगा। मामला गंभीर न होने पर होम आइसोलेशन या फैसिलिटी लेवल पर ट्रीटमेंट सुनिश्‍चित कराई जाएगी।

4. इस क्रम में यदि जांच के तहत genomic sequencing के जरिए SARS-CoV-2 के नए वैरिएंट का पता चलता है तो मरीज को अलग आइसोलेशन यूनिट में रखा जाएगा और प्रोटोकॉल के तहत इलाज किया जाएगा। संक्रमित मरीजों के पॉजिटिव होने के 14 दिनों बाद दोबारा आरटी पीसीआर टेस्ट किया जाएगा यदि फिर भी पॉजिटिव रिजल्‍ट आया तब आगे का सैंपल तब तक लिया जा सकता है, जब तक कि उसके दो लगातार 24 घंटे अलग किए गए नमूनों का टेस्ट नेगेटिव न हो।

5. इसके अतिरिक्‍त जिन पर्यटकों की रिपोर्ट नेगेटिव पाई जाएगी उन्‍हें होम क्‍वारंटाइन व आइसोलेशन में रहने की सलाह दी जाएगी। साथ ही संबंधित एयरलाइंस यह सुनिश्चित करेगी कि एयरपोर्ट पर चेक-इन से पहले सभी पर्यटकों को नए दिशानिर्देश के बारे में अवगत किया जाए। 

उल्‍लेखनीय है कि भारत में पिछले 24 घंटे के दौरान कोरोना वायरस संक्रमण के कुल 19,556 नए मामले सामने आए व  301 नए मौत के मामले दर्ज हुए। इसके साथ ही अब तक देश में कुल संक्रमितों का आंकड़ा 1,00,75,116 हो गया और मृतकों की संख्‍या 1,46,111 हो गई। मंत्रालय की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार अभी देश में सक्रिय मामलों की संख्या अब 2,92,518 है और कुल रिकवरी की संख्या 96,36,487 है।