आतंकवाद के प्रायोजक देशों की अमेरिकी सूची से बाहर हुआ सूडान, 1993 में हुआ था दर्ज

 आतंकवाद के प्रायोजक देशों की अमेरिकी लिस्‍ट से सूडान का नाम बाहर


1993 से सूडान का नाम आतंकवाद के प्रायोजक देशों की अमेरिकी लिस्‍ट में था जो अब हट गया है। सूडान को लेकर इस फैसले के बारे में अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप ने अक्‍टूबर में ही बता दिया था।

खारतूम, आइएएनएस। आतंकवाद के प्रायोजक देशों की अमेरिकी लिस्‍ट से सूडान  (Sudan) का नाम बाहर कर दिया गया है।  खारतूम में सोमवार को अमेरिकी दूतावास ने आधिकारिक तौर पर इसका ऐलान किया। सिन्‍हुआ न्‍यूज एजेंसी के अनुसार, दूतावास की ओर से किए गए फेसबुक पोस्‍ट में कहा गया, 'कांग्रेस की नोटिफिकेशन की 45 दिनों की अवधि खत्‍म हो गई है और विदेश मंत्री ने  इसपर हस्‍ताक्षर कर दिया है।'  

सूडान की अस्थायी सरकार ने पिछले महीने अनेक आतंकी समूहों के साथ शांति समझौता किया ताकि वर्षों से चल रहे गृह युद्ध को समाप्त किया जा सके जिसमें देश के लाखों लोग मारे गए। उल्‍लेखनीय है कि 23 अक्‍टूबर को अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ऐलान किया था कि वाशिंगटन, सूडान को आतंकवाद के प्रायोजक देशों की सूची से हटा देगा। 

1993 से ही सूडान आतंकवाद के प्रायोजक देशों की लिस्‍ट में शामिल है। इसके अलावा इस लिस्‍ट में ईरान, उत्‍तर कोरिया और सीरिया का नाम है। इस सूची में होने के कारण सूडान को कई तरह के प्रतिबंधों  का सामना करना पड़ रहा था जो अब नहीं करना होगा। भारत ने अमेरिका के इस कदम का स्‍वागत किया और उम्‍मीद जताई कि सूडान में अब  लोकतांत्रिक बदलाव होगा औरविकास, शांति और सुरक्षा को बढ़ाने में योगदान मिलेगा।

7 अगस्‍त 1998 को केन्‍या, नैरोबी, तंजानिया और दार-एस-सलाम स्‍थित अमेरिकी दूतावासों में लगातार ट्रक बम विस्‍फोट हुए। इसमें करीब 224 लोगों की मौत हो गई थी। मिस्र इस्‍लामिक जिहाद के स्‍थानीय गुटों से इन हमलों के लिंक थे। इसके बाद ही अंतरराष्‍ट्रीय समुदाय का ध्‍यान अलकायदा की ओर गया और FBI ने ओसामा बिन लादेन  का नाम अपने टॉप 10 मोस्‍ट वांटेड भगोड़ों में शामिल कर लिया। उस वक्‍त सूडानकी कतान उमर अल-बशीर के हाथ में थी। ओसामा बिन लादेन को भी यहीं पनाह दी गई और अलकायदा को भी यहां से सहयोग मिला था।