योगेंद्र यादव बोले 21 दिसंबर से सभी विरोध स्थलों पर 24 घंटे की भूख हड़ताल शुरू

 

किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने कहा कि किसान 23 दिसंबर को भोजन छोड़कर विरोध करेंगे।
दिल्ली-हरियाणा बॉर्डर पर किसानों का प्रदर्शन लगातार 25वें दिन भी जारी है। वहीं यूपी गेट पर पर किसान धरने पर बैठे हैं। राकेश टिकैत ने कहा कि यूपी सरकार कह रही है कि संवाद से हल निकलेगा।

नई दिल्ली। दिल्ली-हरियाणा बॉर्डर पर किसानों का प्रदर्शन लगातार 25वें दिन भी जारी है। वहीं, यूपी गेट पर पर किसान धरने पर बैठे हैं। यूपी गेट पर 28 नवंबर से जारी किसान आंदोलन में शामिल किसानों को संबोधित करते हुए भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि किसान हल काढ़ने (निकालने) के लिए यूपी गेट पर आए हैं, अब हल काढ़कर (निकालकर) ही यहां से जाएंगे। 

भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने कहा कि किसान दिवस 23 दिसंबर को मनाया जाता है, मैं लोगों से उस दिन भोजन छोड़ने का आग्रह करूंगा।

स्‍वराज भारत के प्रमुख योगेंद्र यादव ने कहा कि हमने कल से सभी विरोध स्थलों पर 24 घंटे की भूख हड़ताल शुरू करने का फैसला किया है। भारतीय किसान यूनियन के नेता जगजीत सिंह दलेवाला ने कहा कि हमने 25 दिसंबर से 27 दिसंबर तक हरियाणा में टोल प्लाजा को फ्री करने का फैसला किया है। 27 दिसंबर को प्रधानमंत्री मोदी की मन की बात के दौरान हम सभी से अपील करेंगे कि कार्यक्रम के दौरान जब तक वह बोलें, तब तक घरों में थाली को बजाया जाए। भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने कहा कि  किसान दिवस 23 दिसंबर को मनाया जाता है, मैं लोगों से उस दिन भोजन छोड़ने का आग्रह करूंगा। 

उधर रविवार की शाम को किसानों का एक प्रतिनिधिमंडल कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर से मिलने के लिए कृषि भवन पहुंचा। इससे पहले भी कई चरणों में किसानों की कृषि मंत्री से बातचीत हो चुकी है। 

केंद्र के कृषि कानूनों के विरोध में दिल्ली-नोएडा बॉर्डर पर किसानों का आंदोलन जारी है। किसानों के आंदोलन को देखते हुए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की ओर से यहां पर नोएडा-दिल्ली जाने वाले रास्ते को बंद कर दिया गया है। पुलिस की ओर से यहां पर सुरक्षा के लिहाज से रिजर्व बलों की संख्या में बढ़ोतरी भी की गई है।

सरकार और धरने पर बैठे किसानों के बीच छह दौर के बाद वार्ता बंद है, ऐसे में अब आंदोलन लंबा चलेगा। नई रणनीति बनाई गई है। किसान ठियाबंदी कर आपस में दिन बांट लें। जिससे की किसान यूपी गेट पर भी रहें और खेत में भी जरूरत के वक्त पहुंच सकें।

मेरठ से हिंद मजदूर किसान समिति के किसान और सदस्य केंद्र के 3 कृषि कानूनों के समर्थन में यूपी गेट पर चल रहे धरने में शामिल होने के लिए अपने ट्रैक्टर से निकले। इन सभी की ओर से ट्रैक्टर मार्च निकाला गया।

सरकार तीनों कृषि कानून में संशोधन की बात कर रही है जबकि किसान तीनों कानूनों की वापसी की मांग कर रहे हैं। छह दौर की वार्ता होने के बाद भी अब तक इस मुद्दे का हल नहीं निकल सका है। अगर सरकार ने हमारी मांगें नहीं मानी तो 26 जनवरी को दिल्ली में घुसकर राजपथ को किसान पथ बना देंगे। तीनों कृषि कानून की वापसी के बाद ही घर लौटेंगे। राकेश टिकैत ने कहा कि यूपी सरकार कह रही है कि संवाद से हल निकलेगा।