दिहाड़ीदार के बेटे को मिली कैलिफोर्निया में 32 हजार डालर की स्कालरशिप
32 हजार डालर की स्कालरशिप प्राप्त करने वाले अमनदीप सिंह। जागरण

ये हैं लुधियाना के अमनदीप सिंह। पिता की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी तो इन्होंने नवोदय विद्यालय में पढ़ाई है। जीवन में संघर्ष देखा लेकिन आज उनका संघर्ष रंग लाया। उन्हें कैलिफोर्निया में पीएचडी के लिए 32 हजार डालर की स्कालरशिप मिली है।

चंडीगढ़ । दिल में कुछ करने की दृढ़ इच्छाशक्ति हो तो कुछ भी असंभव नहीं। व्यक्ति हर मंजिल पा सकता है। गरीबी मजबूत इच्छाशक्ति और इरादों में बाधा नहीं बनती। इसी को सच कर दिखाया चंडीगढ़ स्थित भाई जैताजी फाउंडेशन के स्टूडेंट अमनदीप सिंह ने। अमनदीप को कैलिफोर्निया में पीएचडी के लिए 32 हजार डालर की स्कालरशिप मिली है। 

अमनदीप सिंह पंजाब के लुधियाना का रहने वाला है। अमनदीप के पिता दिहाड़ी कर परिवार का भरण पोषण करते हैं। पिता का सपना था कि बेटा बेहतर मुकाम पर पहुंचे जिसके लिए अमनदीप को जवाहर नवोदय स्कूल लुधियाना में एडमिशन दिलाया। जहां पर मैथ टीचर ने भाई जैताजी फाउंडेशन कोचिंग सेंटर के लिए तैयार किया और पेपर क्रेक करके कोचिंग के लिए चंडीगढ़ पहुंचा। अमनदीप ने चंडीगढ़ में 12वीं क्लास के साथ भाई जैताजी फाउंडेशन से कोचिंग ली और आइआइटी जेईई मेन्स और एडवांस का टेस्ट क्लीयर किया। बदकिस्मती रही कि आइआइटी एडवांस में अमनदीप को ऑल इंडिया रैंक बहुत बेहतर नहीं रही, पर उसने हिम्मत नहीं हारी।

आइआइटी में नहीं तो आइसर मोहाली में लिया एडमिशन

अमनदीप सिंह ने बताया कि जेईई एडवांस में रैंक कम आने के कारण देश के किसी भी आइआइटी में एडमिशन नहीं मिला, लेकिन आइसर मोहाली में पांच वर्षीय बीएस व एमएस क्लीयर किया। उसी दौरान दिसंबर 2017 में नेट का एग्जाम ऑल इंडिया स्तर पर 77वें रैंक से पास कर लिया। इसके बाद आइसर मोहाली में ही अगस्त 2019 से जुलाई 2020 तक जूनियर रिसर्च फैलो के तौर पर काम किया। उसी के आधार पर अब उसे अमेरिका की कैलिफोर्निया में स्कालरशिप के साथ पीएचडी करने का मौका मिला है।

सोलर सेल पर काम करने की है तमन्ना

अमेरिका में पीएचडी करने के बारे में अमनदीप ने कहा कि अभी पीएचडी के लिए ज्यादा ज्ञान नहीं है, लेकिन मैं सोलर सेल पर काम करना चाहता हूं। अमनदीप का कहना है कि वह ऐसी तकनीक बनाना चाहते हैं जिसके उपयोग से कोई भी व्यक्ति किसी दूसरे की निर्भरता के बिना जीवनयापन कर सके। अमनदीप ने कहा कि अभी वह खुद भी नहीं जानता कि उसका सपना कैसे और कब पूरा होगा, लेकिन दिल में एक उम्मीद जरूर है।

पढ़ाई पूरी करके देश के किसी कॉलेज में करना है काम

पीएचडी करने के बाद भविष्य में खुद के करियर पर अमनदीप ने बताया कि वह पढ़ाई चाहे कैलीफोर्निया (अमेरिका) में करेंगे, लेकिन पढ़ाई पूरी होने के बाद वापस भारत आकर किसी कॉलेज में काम करना चाहते हैंं। उन्होंने कहा कि आज के समय में देश के कई स्टूडेंट्स ऐसे हैंं जो कि कॉलेज से ही अपने सपनों को पूरा करते हैंं। उनके सपनों को पंख लगाना मेरी प्राथमिकता है।भाई जैताजी फाउंडेशन बिहार के आनंद कुमार द्वारा तैयार सुपर-30 मॉडल की तरह काम करती है, जो कि साल में एक बाद टेस्ट आयोजित करती है। इस टेस्ट के लिए ग्यारहवीं और बारहवीं कक्षा के स्टूडेंट्स भाग लेते हैंं। टेस्ट क्लीयर करके बेहतरीन मैरिट वाले 30 स्टूडेंट्स को फाउंडेशन फ्री में मेडिकल और नॉन मेडिकल की फ्री में कोचिंग देती है। वर्ष 2021-2022 के सत्र के लिए स्टूडेंट्स 20 जनवरी 2021 तक फाउंडेशन की वेबसाइट पर जाकर आवेदन कर सकते हैंं।