अरविंद केजरीवाल के घर के बाहर तोड़फोड़, वीडियो क्लिप के आधार पर भाजपा को घेर रही AAP

 आम आदमी पार्टी के मुखिया और मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल।


मुख्यमंत्री कार्यालय का कहना है कि धरने पर बैठे भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने मुख्यमंत्री के घर पर लगे सीसीटीवी कैमरे तोड़े हैं। एक वीडियो क्लिप भी सामने आई है जिसमें कुछ महिलाएं कैमरे को तोड़ते हुए दिख रही हैं।

नई दिल्ली । आम आदमी पार्टी के मुखिया और मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के घर के बाहर तोड़फोड़ का मामला सामने आया है। मुख्यमंत्री कार्यालय का कहना है कि धरने पर बैठे भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने मुख्यमंत्री के घर पर लगे सीसीटीवी कैमरे तोड़े हैं। एक वीडियो क्लिप भी सामने आई है, जिसमें कुछ महिलाएं कैमरे को तोड़ते हुए दिख रही हैं। इस बाबत मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से इस बारे में पुलिस में शिकायत दी गई है। उधर, आम आदमी पार्टी ने कहा है कि सीसीटीवी कैमरे से भाजपा नेताओं को क्यों डर लग रहा है? वहीं, आम आदमी  पार्टी के आरोपों के बाबत भारतीय जनता पार्टी की ओर से प्रतिक्रिया भी आई है।

वहीं, दक्षिणी दिल्ली नगर निगम की महापौर अनामिका का कहना है  कि हम लोग लोकतांत्रिक तरीके से धरना कर रहे हैं हमने कोई कैमरा नहीं तोड़ा है। हमारे साथ 20 महिला पार्षद धरना दे रही हैं, लेकिन महिलाओं के ऊपर वाले खंभों पर नए सीसीटीवी कैमरे लगवाए जा रहे हैं। महिला पार्षदों ने अपनी निजीता का हनन होने पर इसका विरोध किया है। हमने न अब तक किसी का कानून का उल्लंघन किया है और न ही करेंगे।

उधर,  दिल्ली पुलिस की हिरासत से छूटने के बाद AAP नेता राघव चड्डा व आतिशी ने पार्टी मुख्यालय में प्रेसवार्ता की। चड्ढा ने कहा कि उत्तरी नगर निगम में 2400 करोड़ रुपये का तथाकथित घोटाला हुआ है। उन्होंने कहा कि शायद ये दिल्ली के इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा घोटाला है। ये तथाकथित घोटाला कॉमनवेल्थ घोटाला से भी बड़ा है। चड्ढा ने कहा कि हमें गृहमंत्री व उपराज्यपाल से नहीं मिलने दिया गया। उनसे समय मांगा तो हमें हिरासत में ले लिया गया। हमें उनके घर के आगे शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने से रोक दिया गया। क्या लोकतंत्र में ऐसा कहीं होता है। अब साफ हो चुका है कि इस तथाकथित घोटाले में बहुत बड़े बड़े लोग शामिल है और भाजपा इन बड़ लोगों को बचाना चाहती है। वहीं आप विधायक आतिशी ने कहा कि एक नगर निगमत दूसरे नगर निगम के करीब ढाई हजार करोड़ बिना वजह माफ नहीं कर सकता। हम पांच लोग उपराज्यपाल से मिलने गए थे हमें रोकने के लिए 500 पुलिस कर्मी लगा दिए गए।