भुवनेश्‍वर में BJP ने निकाली पदयात्रा, पांच वर्षीय बच्‍ची की दुष्‍कर्म के बाद हत्‍या मामले में सीबीआइ जांच की मांग

 

ओडिशा भाजपा ने भुवनेश्वर में प्रदर्शन किया और ओडिशा सरकार के खिलाफ एक 'पदयात्रा' शुरू की
ओडिशा के नयागढ़ में पांच वर्षीय बच्ची की दुष्कर्म के बाद हत्या के मामले ने तूल पकड़ लिया है। भाजपा ने सीबीआइ जांच के साथ राज्य के कृषि मंत्री अरुण साहू को बर्खास्त करने की मांग की है।

 भुवनेश्वर, एएनआइ। ओडिशा भाजपा ने रविवार को भुवनेश्वर में एक प्रदर्शन किया और ओडिशा सरकार के खिलाफ एक 'पदयात्रा' शुरू की, जिसमें 5 वर्षीय बच्‍ची के लिए न्याय की मांग की गई। करीब 5 महीने पहले नयागढ़ जिले में बच्‍ची की दुष्‍कर्म के बाद हत्‍या कर दी गई थी। भाजपा नेता और प्रवक्‍ता संबित पात्रा ने कहा कि यह बहुत दुख की बात है कि एक 5 वर्षीय बच्‍ची की मौत हो गई और उसके घर के सामने कंकाल बरामद हुआ गया। स्थानीय विधायक का नाम मामले में सामने आया है। वह जिस व्यक्ति की रक्षा कर रहा है, वह सामने आया है। हमारी मांगें हैं कि सीबीआई जांच हो और मंत्री अरुण साहू का इस्तीफा हो।

ओडिशा के नयागढ़ में पांच वर्षीय बच्ची की दुष्कर्म के बाद हत्या के मामले ने तूल पकड़ लिया है। भाजपा ने सीबीआइ जांच के साथ राज्य के कृषि मंत्री अरुण साहू को बर्खास्त करने की मांग की है। मांग के समर्थन में भाजपा कार्यकर्ताओं ने 19 दिसंबर को कालाहांडी सांसद बसंत पंडा के नेतृत्व में पदयात्रा निकाली। खरियार रोड स्थित श्रीराम मंदिर से नुआपड़ा ब्लाक आफिस तक निकाली गई पदयात्रा में बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल थीं। 

बता दें कि साढ़े पांच माह पहले ओडिशा के नयागढ़ जिले के जदुपुर गांव से एक पांच वर्षीय बच्ची घर के बाहर खेलते समय लापता हो गई थी। घटना के कुछ दिनों बाद घर के पीछे उसका शव मिला। बच्ची की निर्मम हत्या के बाद हत्यारों ने उसकी आंखें नोच लीं व किडनी निकाल ली थी। इस घटना ने राज्य की राजनीति में उथल-पुथल मचा दी है। बच्ची के माता-पिता ने नयागढ़ से सत्तारूढ़ बीजू जनता दल के विधायक व कृषि मंत्री अरुण साहू पर आरोपित को बचाने व संरक्षण देने का आरोप लगाया है।

आरोप यह भी है कि पुलिस आरोपितों पर कार्रवाई करने के बजाए पीड़ि‍त बच्ची के परिवार को प्रताड़ि‍त कर रही है। इतने दिनों बाद भी न्याय नहीं मिलने से निराश मृतका के माता-पिता ने भुवनेश्वर स्थित विधानसभा के बाहर आत्मदाह करने का प्रयास किया। इसके बाद मामले ने तूल पकड़ लिया। विधानसभा से लेकर सड़कों तक पूरे राज्य में हंगामा मचा हुआ है। ओडिशा हाई कोर्ट भी इस मामले में असंतोष जता चुका है। मामले की अगली सुनवाई 24 दिसंबर को होनी है।