ओडिशा में मंदिर खोलने की मांग तेज: श्रीमंदिर के बाद दूसरे मंदिरों के लिए उठ रही मांग

 पुरी के श्रीजगन्नाथ मंदिर को 23 तारीख को खोला गया था


ओडिशा में पुरी के श्रीजगन्नाथ मंदिर खोलने की अनुमति दे दिए जाने के बाद से अन्‍य मंदिरों को खोलने के लिए भी भक्‍त मांग करने लगे हैं। 9 माह बंद रहने के बाद पुरी के श्रीजगन्नाथ मंदिर को 23 तारीख को खोला गया था।

भुवनेश्वर,संवाददाता। राज्य सरकार द्वारा पुरी के श्रीजगन्नाथ मंदिर खोलने की अनुमति दे दिए जाने के बाद भुवनेश्वर लिंगराज सहित अन्य मंदिरों को भी भक्तों के लिए खोले जाने के लिए जन दबाव बढ़ने लगा है। इस पर सरकार ने स्पष्ट किया है कि पहले ही समस्त जिलाधिकारियों को धार्मिक स्थल खोले जाने के लिए अधिकार दिए गये हैं। संपृक्त जिलाधिकारी इलाके के समस्त पक्षों से चर्चा कर इस पर समुचित निर्णय़ ले सकते हैं। 

भक्‍तों में नाराजगी

प्रदेश के दूसरे मंदिर कब तक खुलेगें इसे लेकर संशय की स्थिति बनी हुई है। मदिंरों को खोले जाने के लिए सेवायतों सहित भक्तों ने कई बार सरकार के समक्ष मांग रखी है। मगर इस पर कोई स्पष्ट निर्णय नहीं लिए जाने से भक्तों में नाराजगी बढ रही है। खासकर अन्य राज्यों में पूजा स्थलों को खोल दिया गया है। इसे लेकर भी भक्त नाराज चल रहे हैं। 

 भक्‍तों ने सरकार पर लगाया आरोप 

तकरीबन 9 माह बंद रहने के बाद पुरी के श्रीजगन्नाथ मंदिर को 23 तारीख से पुरी वासियों के लिए एवं 3 जनवरी से आम भक्तों के लिए खोलने का निर्णय लिया गया है। भक्तों का आरोप है कि राज्य सरकार इस मसले पर गंभीरता नहीं दिखा रही है। जब पुरी मंदिर को खोलने का निर्णय लिया जा सकता है तो अन्य मंदिरों के बारे में टाल-मटोल क्यों किया जा रहा है। पुरी के बाद अब राजधानी के प्रसिद्ध लिंगराज मंदिर को खोलने के लिए मांग उठने लगी है। भक्तों का कहना है कि कोविड नियम पालन करते हुए भक्तों को भगवान के दर्शन करने की अनुमति यथाशीघ्र मिलनी ही चाहिए।

 SOP निर्धारित करने के बाद खोले जा सकते हैं मंदिर 

महाप्रभु श्री जगन्नाथ मंदिर को भक्तों के लिए खोले जाने के निर्णय के बाद प्रदेश के सभी मंदिरों को खोलने की मांग तेज हो गई थी। ऐसे में जल्द ही सभी धर्मानुष्ठान को खोले जाने के संदर्भ में ट्वीट कर मुख्य सचिव असीत त्रिपाठी ने जानकारी दी है। 

मुख्य सचिव ने कहा है कि अपने अपने इलाके में रहने वाले मंदिर एवं अन्य धर्मानुष्ठान आम लोगों के दर्शन के खोलने की क्षमता जिलाधीशों को पहले ही दी गई थी। इनके साथ चर्चा के बाद तथा स्टैंडर्ड आपरेटिंग प्रोसिजियोर (एसओपी) निर्धारित करने के बाद मंदिर खोलने का निर्देश दे सकते हैं। हालांकि मंदिर खोलने के बाद कोविड नियम को सख्ती के साथ अनुपालन करने को कहा गया है। मंदिर खोलने का निर्णय जिला प्रशासन को लेने की जानकारी भी मुख्य सचिव ने दी है।