जेडीएस के विलय की संभावना पर येदियुरप्पा ने भाजपाइयों को दी चुप रहने की नसीहत
कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा की फाइल फोटो
कुमारस्वामी ने कहा कि उनकी असली राजनीति 2023 से शुरू होगी और कोई भी जेडीएस को खत्म नहीं कर सकता। इसके पहले रविवार को भी दोनों नेताओं ने बयान जारी कर भाजपा में जेडीएस के विलय की अटकलों को खारिज किया था।

बेंगलुरु, एजेंसियां। कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने जनता दल (एस) के भाजपा में संभावित विलय संबंधी अफवाहों पर भाजपा कार्यकर्ताओं को कुछ नहीं बोलने की नसीहत दी है। जेडीएस नेता एचडी कुमारस्वामी ने भी विलय की अटकलों को खारिज करते हुए अपने दम पर सत्ता में वापसी का दावा किया है।

कुमारस्वामी ने कहा कि उनकी असली राजनीति 2023 से शुरू होगी और कोई भी जेडीएस को खत्म नहीं कर सकता। इसके पहले रविवार को भी दोनों नेताओं ने बयान जारी कर भाजपा में जेडीएस के विलय की अटकलों को खारिज किया था।

मुख्यमंत्री बोले, ऐसे समय में विलय की बात करना ठीक नहीं

मुख्यमंत्री ने यहां पत्रकारों से बातचीत में कहा कि ऐसे मामले में न तो उन्हें और न ही किसी अन्य को बोलना चाहिए। हालांकि उन्होंने इस बात का उल्लेख किया कि जेडीएस ने विधान परिषद के सभापति को हटाने में सहयोग किया है। आने वाले दिनों में भी यदि जरूरत हुई तो वे सहयोग कर सकते हैं। लेकिन जब वे अपनी पार्टी को मजबूत करने में लगे हैं, ऐसे समय में विलय की बात करना ठीक नहीं है।उन्होंने कहा कि चुनाव में अभी ढाई साल बाकी है। वे अपनी पार्टी को मजबूत करेंगे और हम अपनी पार्टी को। ऐसे में हमारी पार्टी के लोगों समेत किसी को भी इस विषय पर नहीं बोलना चाहिए।

मालूम हो कि पिछले करीब दो महीने से विलय की अटकलें लगाई जा रही हैं। कुमारस्वामी मुख्यमंत्री येदियुरप्पा से उनके सरकारी आवास पर दो बार मिल चुके हैं। इसलिए यह कयास लगाए जाने लगे हैं कि जेडीएस का सत्तारूढ़ दल के प्रति नरम रुख है।विलय संबंधी अटकलों को वरिष्ठ भाजपा नेता अरविंद लिंबावली के उस बयान से भी बल मिला, जिसमें उन्होंने कहा था कि विलय के बारे में सुना है। वह इसके बारे में पता करेंगे।

नहीं बदलेगा मुख्यमंत्री

इस बीच, भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तथा कर्नाटक के प्रभारी अरुण सिंह ने स्पष्ट किया है कि बीएस येदियुरप्पा मुख्यमंत्री बने रहेंगे और नेतृत्व में बदलाव नहीं होगा। दरअसल, कुमारस्वामी ने कहा है कि वह आगामी दिनों में लोकहित में भाजपा को मुद्दा आधारित समर्थन देते रहेंगे। इससे कयास लगने लगे कि भाजपा के साथ हाथ मिलाने के बाद कुमारस्वामी को मुख्यमंत्री की कुर्सी मिल सकती है।अरुण सिंह ने कहा कि मौजूदा मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा वरिष्ठ नेता हैं तथा कर्नाटक के विकास के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं। पार्टी को उनसे कोई समस्या नहीं है। उन्हें बदलने की कोई संभावना नहीं है।

मुख्यमंत्री बोले, ऐसे समय में विलय की बात करना ठीक नहीं

मुख्यमंत्री ने यहां पत्रकारों से बातचीत में कहा कि ऐसे मामले में न तो उन्हें और न ही किसी अन्य को बोलना चाहिए। हालांकि उन्होंने इस बात का उल्लेख किया कि जेडीएस ने विधान परिषद के सभापति को हटाने में सहयोग किया है। आने वाले दिनों में भी यदि जरूरत हुई तो वे सहयोग कर सकते हैं। लेकिन जब वे अपनी पार्टी को मजबूत करने में लगे हैं, ऐसे समय में विलय की बात करना ठीक नहीं है।उन्होंने कहा कि चुनाव में अभी ढाई साल बाकी है। वे अपनी पार्टी को मजबूत करेंगे और हम अपनी पार्टी को। ऐसे में हमारी पार्टी के लोगों समेत किसी को भी इस विषय पर नहीं बोलना चाहिए।

मालूम हो कि पिछले करीब दो महीने से विलय की अटकलें लगाई जा रही हैं। कुमारस्वामी मुख्यमंत्री येदियुरप्पा से उनके सरकारी आवास पर दो बार मिल चुके हैं। इसलिए यह कयास लगाए जाने लगे हैं कि जेडीएस का सत्तारूढ़ दल के प्रति नरम रुख है।विलय संबंधी अटकलों को वरिष्ठ भाजपा नेता अरविंद लिंबावली के उस बयान से भी बल मिला, जिसमें उन्होंने कहा था कि विलय के बारे में सुना है। वह इसके बारे में पता करेंगे।

नहीं बदलेगा मुख्यमंत्री

इस बीच, भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तथा कर्नाटक के प्रभारी अरुण सिंह ने स्पष्ट किया है कि बीएस येदियुरप्पा मुख्यमंत्री बने रहेंगे और नेतृत्व में बदलाव नहीं होगा। दरअसल, कुमारस्वामी ने कहा है कि वह आगामी दिनों में लोकहित में भाजपा को मुद्दा आधारित समर्थन देते रहेंगे। इससे कयास लगने लगे कि भाजपा के साथ हाथ मिलाने के बाद कुमारस्वामी को मुख्यमंत्री की कुर्सी मिल सकती है।अरुण सिंह ने कहा कि मौजूदा मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा वरिष्ठ नेता हैं तथा कर्नाटक के विकास के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं। पार्टी को उनसे कोई समस्या नहीं है। उन्हें बदलने की कोई संभावना नहीं है।