डीडीसी चुनावों में लोगों की भागीदारी ने कश्मीर की कहानी बदल दी है: अल्ताफ बुखारी

 चुनाव और कश्मीर का राजनीतिक मुद्दा दो अलग-अलग चीजें हैं।


बुखारी ने श्रीनगर में पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि उनकी रैली में ट्रांसपोर्टरों व्यापारियों होटल व्यवसायियों हाउसबोट मालिकों सहित समाज के अन्य वर्गों ने भी भाग लिया। हम यह दिखाना चाहते थे कि हम कश्मीर के विभिन्न हितधारकों के साथ हैं।

श्रीनगर,  जम्मू और कश्मीर अपनी पार्टी के अध्यक्ष सैयद मुहम्मद अल्ताफ बुखारी ने कहा कि जिला विकास परिषद (डीडीसी) के चुनावों में लोगों की भागीदारी ने "कश्मीर की कहानी" को बदल दिया है। यहां की जनता ने यह स्पष्ट कर दिया है कि चुनाव और कश्मीर का राजनीतिक मुद्दा दो अलग चीजें हैं।

बुखारी ने श्रीनगर में पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि उनकी रैली में ट्रांसपोर्टरों, व्यापारियों, होटल व्यवसायियों, हाउसबोट मालिकों सहित समाज के अन्य वर्गों ने भी भाग लिया। हम यह दिखाना चाहते थे कि हम कश्मीर के विभिन्न हितधारकों के साथ हैं। जम्मू-कश्मीर में विभिन्न राजनीतिक दलों ने लोगों में यह धारणा कायम कर दी थी कि उनके वोट डालने से कश्मीर मुद्दा बदल जाएगा, लेकिन यह गलत था। जिला विकास परिषद के चुनावों में घाटी के लोगों की भागीदारी ने यह साबित कर दिया है कि अब आम लोगों ने महसूस किया है कि चुनाव और कश्मीर का राजनीतिक मुद्दा दो अलग-अलग चीजें हैं।

यह पूछे जाने पर कि क्या वह कश्मीर की गड़बड़ी के लिए भाजपा को दोषी मानते हैं। इस पर बुखारी ने कहा कि वह कश्मीर में राजनीतिक गड़बड़ी के लिए केवल भाजपा नहीं बल्कि नेकां, कांग्रेस, पीडीपी आदि राजनीतिक दल समान जिम्मेदार हैं। बुखारी ने कहा कि अपनी पार्टी 9 महीने पुरानी है क्योंकि इसका गठन गत वर्ष मार्च में हुआ था। हम 9 महीने के बच्चे की तरह हैं। जिस तरह बच्चा बढ़ता है, उनकी पार्टी भी उभर रही है। हम दावा नहीं करते हैं कि हम डीडीसी चुनावों में अधिकांश सीटें जीतेंगे, लेकिन हम निश्चित रूप से अपनी छाप और उपस्थिति साबित करेंगे।यह पूछे जाने पर कि क्या PAGD उनके लिए एक चुनौती है, उन्होंने कहा कि वह अभी तक गठबंधन के नेताओं से नहीं मिले हैं। पीएजीडी में शामिल दल के नेता एक-दूसरे से मिले और गठबंधन बना लिया। उन्हें दूसरों को एक चुनौती के रूप में देखना चाहिए। हमारे लिए कोई चुनौती नहीं है।

परिसीमन आयोग पर बुखारी ने कहा कि इसकी कवायद चल रही है और उनकी पार्टी भी इसमें भाग ले रही है। हम ये सुनिश्चित करेंगे कि किसी भी क्षेत्र या किसी जिले के साथ कोई अन्याय न हो। अगर कोई भेदभाव पाया जाता है, तो मैं पहला व्यक्ति होगा जो इसके खिलाफ आवाज उठाएगा। कुछ पत्रकारों ने जब उनसे यह पूछा कि अन्य राजनीतिक दलों को जिला विकास परिषद चुनाव में रैलियां आयोजित करने की इजाजत क्यों नहीं दी जा रही है तो इस पर बुखारी ने कहा कि यह सही नहीं है। कुपवाड़ा में जितनी रैलियां उन्होंने की, उतनी ही नेकां के उम्मीदवार ने भी की। मुझे नहीं लगता कि किसी को भी कहीं भी रैली करने से रोका गया है।