कोरोना वायरस के नए रूप से चिंतित पांच देशों ने दक्षिण अफ्रीका से उड़ानों पर प्रतिबंध लगाया

 कोरोना वायरस के नए रूप से चिंतित पांच देशों ने दक्षिण अफ्रीका से उड़ानों पर प्रतिबंध लगाया

दक्षिण अफ्रीका में नए संस्करण को पूर्वी केप में खोजा गया था और अब यह क्वाज़ूलू-नताल और पश्चिमी केप को भी प्रभावित कर रहा है। दक्षिण अफ्रीका की उड़ानों को प्रतिबंध करने की घोषणा करने वाले जर्मनी पहले देश रहा।

जोहानसबर्ग, एएनआइ। देश में हाल ही में एक नए कोरोना वायरस वेरिएंट के मिलने के बाद कम से कम पांच देशों ने दक्षिण अफ्रीका से उड़ानें निलंबित कर दी हैं। जर्मनी, तुर्की, इज़रायल, स्विटज़रलैंड और सऊदी अरब उन देशों में शामिल हैं जिन्होंने SARS-COV-2 वायरस के एक प्रकार के प्रसार को रोकने के लिए ऐसी उड़ानों पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा की है, जिन्हें वर्तमान में 501.V2 वेरिएंट कहा जाता है। इनमें से अधिकांश देशों में सोमवार को प्रतिबंध लागू हुआ।

जर्मनी प्रतिबंध की घोषणा करने वाले पहले देशों में से एक था। सरकारी प्रवक्ता मार्टिना फिएट ने कहा, 'कोरोना वायरस के नए रूप के कारण, संघीय सरकार जर्मनी और ग्रेट ब्रिटेन और दक्षिण अफ्रीका के बीच यात्रा के विकल्पों को प्रतिबंधित करने का इरादा है।' वहीं, इजरायल ने भी रविवार को उड़ानों पर प्रतिबंध लगाते हुए कहा कि दक्षिण अफ्रीका से लौटने वाले उसके नागरिकों को वापसी पर 30-दिवसीय अनिवार्य क्वारंटाइन से गुजरना होगा।

नए संस्करण को पूर्वी केप में खोजा गया था और अब यह क्वाज़ूलू-नताल और पश्चिमी केप को भी प्रभावित कर रहा है। स्वास्थ्य मंत्री ज़्वेली मखिज़े ने कहा कि उनका विभाग हाल ही में बड़ी संख्या में ऐसे युवाओं का निरीक्षण कर रहा है जो पॉजिटिव आ रहे हैं, लेकिन उनमें किसी तरह की बीमारी नहीं देखी जा रही है। उन्होंने कहा, 'जो सबूत समेटे गए हैं, वे दृढ़ता से बताते हैं कि वर्तमान में जो दूसरी लहर हम अनुभव कर रहे हैं, वह इस नए संस्करण द्वारा आगे बढ़ रही है।' बता दें कि इससे पहले कई देशों ने ब्रिटेन में सामने आए COVID-19 के सबसे पहले अलग रूप के वायरस को देखते हुए उड़ानों की बंद कर दिया है।

भारत सरकार ने ब्रिटेन से आने-जाने वाली उड़ानों को अस्थायी तौर पर निलंबित कर दिया है। सरकार ने 22 दिसंबर की मध्यरात्रि से लेकर 31 दिसंबर तक ब्रिटेन से आने वाली सभी उड़ानों पर पूरी तरह से रोक लगा दी है।बता दें कि ब्रिटेन में कोरोना वायरस का नया स्ट्रेन (प्रकार) बहुत तेजी से लोगों में फैल रहा है। यह पहली बार सितंबर में दक्षिण-पूर्वी इंग्लैंड में सामने आया था। जिसने बहुत ही तेजी से ब्रिटेन के अन्य क्षेत्रों को अपनी चपेट में ले लिया है। भारतीय विज्ञानियों का कहना है कि उन्होंने इस स्ट्रेन को भारत में नहीं देखा है। फिलहाल इससे चिंतित होने की जरूरत नहीं है और यह कुछ ही देशों तक पहुंचा है।