तालिबान प्रमुख मंसूर ने मरने से पहले कराया था जीवन बीमा, आतंकी फंडिंग की जांच में हुआ खुलासा
अफगान तालिबान प्रमुख मुल्ला अख्तर मंसूर की फाइल फोटो

जीवन बीमा कराने का मामला उस समय प्रकाश में आया जब उसके खिलाफ आतंकी फंडिंग केस में कराची में सुनवाई हो रही थी। मामले में बीमा कंपनी ने कराची की आतंक निरोधक अदालत को पूरी जानकारी दी ।

इस्लामाबाद, प्रेट्र। दूसरों की जान लेने पर आमादा आतंकवादी क्या अपने मरने से पहले जीवन बीमा कराते होंगे? इसका जवाब आतंकवादी पैदा करने वाले देश पाकिस्तान से ही आया है। अमेरिका के ड्रोन हमले में मारे गए अफगान तालिबान प्रमुख मुल्ला अख्तर मंसूर ने पाकिस्तान में अपना जीवन बीमा करा रखा था। उसने यह बीमा फर्जी आइडी पर लिया था।

जीवन बीमा कराने का मामला उस समय प्रकाश में आया, जब उसके खिलाफ आतंकी फंडिंग केस में कराची में सुनवाई हो रही थी। मामले में बीमा कंपनी ने कराची की आतंक निरोधक अदालत को पूरी जानकारी दी। मंसूर के खिलाफ फेडरल इन्वेस्टीगेशन एजेंसी (एफआइडी) एक साल से जांच कर रही है।

जांच में यह जानकारी सामने आई है कि मंसूर आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए फर्जी कागजातों से प्रोपर्टी की खरीद-फरोख्त कराता था। उसने फर्जी आइडी पर कराची में दो लाख डालर की जमीन और घर खरीदे थे।

इसी खोजबीन में जानकारी मिली कि मुल्ला अख्तर मंसूर ने एक जीवन बीमा पॉलिसी खरीदी थी। उसने 21 अप्रैल 2016 में ड्रोन हमले में मारे जाने से पहले तीन लाख पाकिस्तानी रुपयों का भुगतान जीवन बीमा के लिए किया था।

जांच एजेंसी ने इंश्योरेंस कंपनी से मंसूर के मूल भुगतान को अदालत में जमा कराए जाने के लिए कहा था। बीमा कंपनी ने तीन लाख पचास हजार रुपये का चेक अब अदालत में जमा किया है। अदालत ने इस रकम को सरकारी कोषागार में जमा कराने का निर्देश दिया है।