फाइजर और मॉडर्ना कर रहे अपनी वैक्सीन का ब्रिटेन में मिले कोरोना के नए स्ट्रेन के खिलाफ टेस्ट

 फाइजर और मॉडर्ना ने शुरू किया नए कोरोना वायरस पर टेस्ट। (फोटो:

फाइजर और मॉडर्ना अपनी वैक्सीन का ब्रिटेन में मिले नए कोरोना वायरस पर टेस्ट शुरू कर चुके हैं। वह ये पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि यह दोनों वैक्सीन ब्रिटेन में मिले नए कोरोना वायरस के खिलाफ कितनी सुरक्षित है।

वाशिंगटन, एएनआइ। ब्रिटेन में मिले कोरोना वायरस के नए प्रकार से दुनियाभर में हड़कंप मच गया है। दुनिया के कई देशों में इससे जुड़े मामले सामने आए हैं। इस बीच फाइजर और मॉडर्ना अपनी वैक्सीन का ब्रिटेन में मिले नए कोरोना वायरस पर टेस्ट शुरू कर चुके हैं। सीएनएन ने बताया है कि फाइजर और मॉडर्ना अपनी कोरोना वायरस वैक्सीन का परीक्षण कर रहे हैं ताकि यह पता चले कि वे यूके और अन्य देशों में पाए गए वायरस के नए टाइप के खिलाफ यह वैक्सीन कैसे काम कर रही है।

मॉडर्ना ने एक बयान में कहा कि आज तक के आंकड़ों के आधार पर हम उम्मीद करते हैं कि मॉडर्ना वैक्सीन से प्रेरित इम्युनिटी हाल ही में यूके में मिले कोरोना के नए वेरिएंट के खिलाफ सुरक्षात्मक होगी। CNN के अनुसार, Pfizer ने कहा कि अब यह डाटा जनरेट कर रहा है कि कैसे लोगों को इस टीके के नमूने यूके में मिले कोरोना के नए प्रकार को बेअसर करने में सक्षम हो सकते हैं।बता दें कि फाइजर और मॉडर्ना दोनों ही एक अमेरिकी वैक्सीन है। जिन्हें यूएस फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन द्वारा अधिकृत किया गया है। इसमें से फाइजर वैक्सीन को अमेरिका में लोगों को लगाया जा रहा है। इसमें जानकारी दी गई है कि कोरोना वायरस के पहले भी कई प्रकार सामने आए हैं। दोनों कंपनियों का कहना है कि उन्होंने पाया है कि उनके टीके वायरस के अन्य रूपों के खिलाफ काम करते थे।

कुछ शोधकर्ताओं ने जो ब्रिटेन में मिले कोरोना के नए स्ट्रेन के जीनोम की जांच कर रहे हैं उन्होंने सीएनएन को बताया कि उन्हें चिंता है कि इस वैरियंट के उत्परिवर्तन संभवतः वैक्सीन की प्रभावशीलता को कुछ हद तक कम कर सकते हैं। बता दें कि इसका असर भारत पर भी देखा जा रहा है। ब्रिटेन से आने वाले उड़ानों के जरिए अब तक देश के विभिन्‍न राज्‍यों में कुल 9 पॉजिटिव यात्री आ चुके हैं।