सैफ़ के बयान पर भड़के मुकेश खन्ना, बोले- ‘हिम्मत है तो अपने धर्म के किरदारों से छेड़छाड़ कर के दिखाओ’

 

Photo Credit - Mukesh Khanna and Saif Ali Khan Instagram
Publish Date:Thu, 10 Dec 2020 02:26 PM (IST)Author: Nazneen Ahmed

सैफ अली ख़ान इन दिनों अपनी अपमकिंग फिल्म ‘आदिपुरुष को लेकर काफी चर्चा में हैं। इस फिल्म में सैफ ‘रावण’ की भूमिका में नज़र आने वाले हैं। हाल ही में अपने रोल को लेकर एक्टर ने एक बयान दिया था जिसके बाद उन्हें काफी विरोध का सामना करना पड़ा था।

नई दिल्ली। बॉलीवुड एक्टर सैफ अली ख़ान इन दिनों अपनी अपमकिंग फिल्म ‘आदिपुरुष' को लेकर काफी चर्चा में हैं। इस फिल्म में सैफ ‘रावण’ की भूमिका में नज़र आने वाले हैं। हाल ही में अपने रोल को लेकर एक्टर ने एक बयान दिया था जिसके बाद उन्हें काफी विरोध का सामना करना पड़ा था। हालांकि उस बयान के बाद सैफ ने माफी भी मांग ली थी, लेकिन माफी मांगने के बाद भी एक एक्टर ने उनके बयान की आलोचना की है।

टीवी धारावाहिक महाभारत में 'भीष्म पितामह' का रोल निभाने वाले अभिनेतता मुकेश खन्ना ने सैफ अली ख़ान के बयान की निंदा की। एक्टर ने अपने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो और लंबा से पोस्ट लिखा है जिसमें उन्होंने कहा है कि सैफ देश के करोड़ों भारतीयों की आस्था से खेल रहे हैं। एक्टर ने वीडियो में कहा है कि हमारे एपिक करिदारों के साथ छेड़छाड़ करना बंद करिए। जो अच्छे हैं उन्हें अच्छे रहने दीजिए और जो बुरे हैं उन्हें बुरे रहने दीजिए मुकेश खन्ना ने कहा, ‘आप अपने धर्म के किसी किरदार को बदलकर दिखाने की हिम्मत दिखा दीजिए मैं आपको मान जाऊंगा’। इस वीडियो के साथ एक्टर ने अपने पोस्ट में लिखा, ‘सैफ़- रावण कांड..

'अभी भी जाने अनजाने में फ़िल्मकार फ़िल्मों के तूनीर से हमारे सनातन धर्म और उनके धार्मिक किरदारों पर बाण चलाने से बाज़ नहीं आ रहे। लक्ष्मी बम फटा नहीं, एक और हमला बोल दिया गया। मशहूर कलाकार सैफ़ अली खान ने एक इंटरव्यू  में एक आपत्तिजनक ख़ुलासा किया। सैफ़ अली खान ने इस इंटर्व्यू में कहा कि “ महा बजट पर बनने वाली “आदि पुरुष” फ़िल्म में लंकेश रावण का किरदार निभाना उनके लिए बड़ा दिलचस्प रहेगा। उसमें रावण को बुरा नहीं बल्कि मानवीय और एंटर्टेनिंग दिखाया गया है।उसे हम दयालु बना देंगे।उसमें सीता हरण को न्यायोचित बताया जाएगा'।

'पता नहीं सैफ़ को ऐसा क्यों लग रहा है कि ये इतना आसान है।लंकेश कोई गेंद नहीं जिसे आप जैसा चाहें बल्ला घुमा के मार दें। इसे मैं उनकी नादानी कहूं या मूर्खता ! उन्हें नहीं पता कि वो देश के करोड़ों भारतीयों की आस्था से खेल रहे हैं।या फिर ये कि उन्हें पता है फिर भी जानबूझकर बोल रहे हैं। या फिर इसे मैं उन अपने आप को बुद्धिजीवी कहंने वाले डिरेक्टर प्रडूसर का दुस्साहस कहूँ जो अब भी ऐसी फ़िल्म्ज़ बनाने की जुर्रत रखते हैं।

'फिर वही बात कहूंगा कि दूसरे किसी धर्म के किरदारों से ऐसा खेल खेल कर बताओ। अच्छे को बुरा और बुरे को अच्छा बना के पेश करो। मार खाओगे उनसे। राम रावण नहीं बन सकते। वैसे रावण राम नहीं। तो ये रावण को दयालु बनाने का खेल क्यों भई ? क्या इसमें भी कोई साज़िश है ? या फिर इनलोगों का आज़माया हुआ फ़िल्म प्रमोशन।मैं नहीं कह सकता। जनता को ख़ुद सोचना होगा।मुझे बुरा लगा इस लिए कह दिया। आप सब भी सोचिए कि आपको भी बुरा लगा या नहीं।'आप सब सोचिए कि आपको भी बुरा लगा या ये लगा कि चलने दो क्या फ़र्क़ पड़ता है !! अगर ऐसा है तो बड़े ही शर्म की बात है हम सब के लिए। मुझे ना चाहते हुए भी कहना पड़ेगा हिंदू धर्म ख़तरे में है !!! ये दूसरे धर्म वाले हमेशा कहते रहते हैं। अब लगता है हमें भी कहना पड़ेगा।सावधान हो जाइए !!!'

'अब ब्रेकिंग न्यूज़ ये है कि सैफ़ ने लिखित माफ़ी मांग ली है अपने वक्तव्य के लिए। वाह ! क्या बात है !!कहते हैं अंग्रेज़ों ने एक ख़ूबसूरत शब्द बनाया है” सॉरी “। तीर मारो, बम चला लो, घूंसा मार दो और फिर कह दो “ सॉरी”। लेकिन हमें मंज़ूर नहीं। बोलने के पहले सोचा क्यों नहीं !!!! इस रावण कांड पर मैंने अपनी प्रतिक्रिया की एक छोटी सी विडीओ बनाई है।जिसे मैं आपसे शेयर करना चाहता हूं'।