हरियाणा बॉर्डर पर बढ़ने लगी राजस्थान के किसानों की संख्या

 हरियाणा बॉर्डर पर राजस्थान के किसानों की संख्या बढ़ने लगी। फाइल फोटो

ट्रैक्टरों पर चारपाई बिस्तर और अस्थाई चूल्हा बनाने का सामान लेकर पहुंचे किसानों ने कहा कि सिंधु व टिकरी बॉर्डर की तरह वे भी यहीं रहेंगे। मांग पूरी होने तक किसानों ने घर वापस लौटने की बात कही है।

संवाददाता, जयपुर।कृषि कानूनों के खिलाफ राजस्थान के किसानों की संख्या हरियाणा बॉर्डर पर बढ़ने लगी है। पंचायत और स्थानीय निकाय चुनाव खत्म होने के बाद रविवार से किसान प्रदेश में अलवर जिले के शाहजहांपुर पहुंचने लगे। सोमवार सुबह से ही जयपुर-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग पर किसानों के छोटे-छोटे ग्रुप शाहजहांपुर की तरफ जाते नजर आए। यहां आंदोलन तेज होता जा रहा है। वहीं, सोमवार को कृषि कानून के खिलाफ सोमवार को जिला मुख्यालयों पर धरना दिया गया। किसान नेताओं ने धरना देकर कृषि कानून का विरोध जताया। उधर, प्रदेश में पड़ रही तेज सर्दी के बीच किसान खुले आसमान के नीचे अपनी मांग पूरा करने को लेकर बैठे हैं।

रविवार रात को तापमान सात डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, राजमार्ग किनारे बैठे किसानों ने अलाव जलाकर रात गुजारी। सुबह-शाम किसान अपने साथ लाई गई सामग्री से भोजन बना रहे हैं। किसान अपने साथ सुखी राशन सामग्री लेकर पहुंचे हैं। ट्रैक्टरों पर चारपाई, बिस्तर और अस्थाई चूल्हा बनाने का सामान लेकर पहुंचे किसानों ने कहा कि सिंधु व टिकरी बॉर्डर की तरह वे भी यहीं रहेंगे। मांग पूरी होने तक किसानों ने घर वापस लौटने की बात कही है। सोमवार को योगेंद्र यादव व रामलाल जाट ने किसानों से संघर्ष जारी रखने का आह्वान करते हुए कहा कि सरकार को किसानों की बात माननी पड़ेगी।

एक तरफ जहां हरियाणा पुलिस ने बॉर्डर पर सोमवार को और अधिक सुरक्षा बढ़ाई, वहीं राजस्थान पुलिस भी इस बात कर ख्याल रख रही है कि आंदोलन के दौरान किसी भी प्रकार के असामाजिक तत्व पड़ाव स्थल पर नहीं पहुंच सके। किसान रात और दिन में स्थानीय लोकगीत गाकर मनोरंजन करने के साथ ही बीच-बीच में कृषि कानून के खिलाफ नारेबाजी भी कर रहे हैं। अलवर व झुंझुनूं जिलों के युवक कांग्रेस कार्यकर्ता किसानों के लिए चाय व नाश्ते का इंतजाम करने में जुटे हैं। अलवर युवक कांग्रेस के जिला अध्यक्ष दीनबंधु शर्मा, राकेश चौधरी, राकेश गुर्जर सहित कई कार्यकर्ता पड़ाव स्थल पर नजर आए।