बंगाल में चुनावी बिगुल फूंकने जल्द आएंगे असदुद्दीन ओवैसी, मुस्लिम बहुल सीटों पर है नजर

 बंगाल में चुनाव लड़ने के ऐलान के बाद एआइएमआइएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी पहली बार आएंगे बंगाल।

बिहार विधानसभा चुनाव में मुस्लिम बहुल सीमांचल के पांच सीटों पर जीत दर्ज करने के बाद उत्साहित ओवैसी की नजर अब बंगाल में भी मुस्लिम बहुल सीटों पर है। बता दें कि बंगाल विधानसभा चुनाव में अब 6 महीने से भी कम का वक्त बचा है।

कोलकाता, राज्य ब्यूरो। बंगाल में चुनाव लड़ने के ऐलान के बाद एआइएमआइएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी जल्द ही यहां दौरे पर आने वाले हैं। ओवैसी ने शनिवार को बंगाल के पार्टी पदाधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की थी। बैठक में 30 फीसद मुस्लिम आबादी वाले इस राज्य में पार्टी की मजबूती को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में शामिल लोगों का कहना है कि ओवैसी जल्द ही बंगाल में जनसभा करके चुनावी बिगुल फूंकने वाले हैं।

दरअसल हाल में संपन्न बिहार विधानसभा चुनाव में मुस्लिम बहुल सीमांचल के पांच सीटों पर जीत दर्ज करने के बाद उत्साहित ओवैसी की नजर अब बंगाल में भी मुस्लिम बहुल सीटों पर है। बता दें कि बंगाल विधानसभा चुनाव में अब 6 महीने से भी कम का वक्त बचा है।

बंगाल में पहली बार चुनाव लड़ने जा रही एआइएमआइएम महत्वपूर्ण सीटों पर ही फोकस करेगी। माना जा रहा है कि ओवैसी की एआइएमआइएम मुस्लिम बहुल जैसे मुर्शिदाबाद, मालदा, उत्तर दिनाजपुर और कुछ अन्य सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेगी। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि 294 विधानसभा सीटों वाले राज्य में मुस्लिम समुदाय 120 सीटों पर महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

सीएए विरोधी प्रदर्शन के दौरान सक्रिय थी एआइएमआइएम

पार्टी के सूत्रों के अनुसार, ओवैसी ने बंगाल के कुछ क्षेत्रों में संगठन की मजबूती को लेकर यहां अपने पार्टी के नेताओं से फीडबैक मांगा है। दरअसल एआइएमआइएम बंगाल में एंटी सीएए-एनआरसी प्रदर्शन के दौरान भी काफी सक्रिय रही थी। पार्टी के कई गुट हैं जिन्हें पहले साथ में आना होगा। सूत्र ने कहा, असद साब (ओवैसी) हैदराबाद के अपने विश्वसनीय लोगों के साथ रणनीतिक रूप से जल्द यहां का दौरा करेंगे।बताया गया कि ओवैसी ने हाल में हैदराबाद में जो बैठक की, उसमें बंगाल के सभी 23 जिलों के नेता शामिल थे।

तृणमूल का ओवैसी पर कटाक्ष

इधर, सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के विधायक शौकत मुल्ला ने कहा, 'बंगाल के मुसलमान जानते हैं कि कौन उनके सच्चे फिक्रमंद हैं और कौन सिर्फ भाजपा का एजेंडा चलाने के लिए इसका दिखावा कर रहे हैं। सीएम ममता बनर्जी की बदौलत यहां फिलहाल सब शांत है।'