सफदरजंग अस्पताल से ऐसे फरार हुआ था दिल्ली के सबसे बड़े डॉन का मामा

 राम बीर शौकीन की फाइल फोटो ।

 साल 2014 में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बागपत में नीरज बवाना गिरोह ने पुलिस के जवानों से दो एके-47 राइफल लूटकर गैंगस्टर अमित भूरा को रिहा कराया था। इनमें से एक राइफल रामबीर शौकीन के बवाना स्थित प्लॉट से बरामद की गई थी।

नई दिल्ली, ऑनलाइन डेस्क। तकरीबन 3 साल से फरार दिल्ली के पूर्व विधायक राम बीर शौकीन की गिरफ्तारी के बाद दिल्ली पुलिस ने राहत की सांस ली होगी, क्योंकि इससे महकमे की छवि धूमिल हुई थी। वहीं, राम बीर शौकीन खुद एक अपराधी है और उसका भांजा नीरज बवाना तो दिल्ली का सबसे बड़ा डॉन कहलाता है। रामबीर शौकीन का भांजा और मोस्ट वॉन्टेड गैंगस्टर नीरज बवाना भी गंभीर अपराधों में लिप्त रहा है। साल 2014 में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बागपत में नीरज बवाना गिरोह ने पुलिस के जवानों से दो एके-47 राइफल लूटकर गैंगस्टर अमित भूरा को रिहा कराया था। इनमें से एक  राइफल रामबीर शौकीन के बवाना स्थित प्लॉट से बरामद की गई थी, जो जमीन के अंदर छिपाई गई थी। एके-47 बरामद होने के बाद रामबीर शौकीन फरार हो गया था। काफी मशक्कत के बाद दिल्ली पुलिस ने रामबीर शौकीन को गिरफ्तार किया था। दिल्ली पुलिस ने रामबीर पर मकोका भी लगाया था, लेकिन सितंबर, 2018 में सफदरजंग अस्पताल में भर्ती रामबीर शौकीन पुलिसकर्मियों को चकमा देकर फरार हो गया था। वहीं, अपनी भद पिटते देखकर उत्तर प्रदेश पुलिस ने अपने तीन जवानों का निलंबित  कर दिया था, वहीं पुलिस की ओर से राम  बीर शौकीन पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया था।

दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल ने किया था गिरफ्तार

कई संगीन मामलों में वांछित राम बीर शौकीन को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने गिरफ्तार किया था। रामवीर पर दिल्ली पुलिस ने एक लाख का इनाम घोषित किया था। नीरज बवाना का मामा होने के चलते राम बीर शौकीन का आसपास के इलाके में खासा दबदबा था। 

राम बीर शौकीन की दबंगई का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि वर्ष 2013 में वह अरविंद केजरीवाल की लहर में आसानी से निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर चुनाव जीत गया था। इसके बाद 49 दिनों की आम आदमी पार्टी सरकार को समर्थन भी दिया था। रामबीर शौकीन की पत्नी ने भी 2015 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ा था, लेकिन इस चुनाव में वह हार गई थीं। फरवरी 2015 में हुए दिल्ली विधानसभा के चुनाव की वोटिंग से एक दिन पहले नीरज बवाना गिरोह के 9 गैंगस्टर रामबीर शौकीन की पत्नी कांग्रेस की उम्मीदवार रीटा शौकीन के लिए प्रचार करते हुए गिरफ्तार कर लिए गए थे।

49 दिनों की अरविंद सरकार के दौरान मुंडका विधानसभा क्षेत्र से निर्दलीय विधायक रामबीर शौकीन ने अचानक ही समर्थन वापस लेने की घोषणा की थी। तब रामबीर शौकीन ने कहा था कि मुझे देहात व कॉलोनियों का विकास कार्य कराने के लिए चुना गया था। इसी शर्त पर मैंने सरकार को समर्थन दिया था। उन्होंने कहा था कि मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया था कि जल्द ही कई समस्याओं को दूर किया जाएगा। मुख्यमंत्री जनता की समस्या का समाधान करना तो दूर, विधायकों से बात तक नहीं करना चाहते हैं। ऐसी सरकार को समर्थन देना गलत है।