छगन भाई पटेल बने अभाविप के राष्ट्रीय अध्यक्ष, निधि त्रिपाठी फिर बनीं राष्ट्रीय महामंत्री

 ABVP Election Result: छगन भाई पटेल और निधि त्रिपाठी।

 अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) के नए अध्‍यक्ष का चुनाव हो गया है। इस चुनाव में गुजरात निवासी डाॅक्टर छगनभाई पटेल को अखिल भारतीय अध्यक्ष चुना गया है वहीं जेएनयू की छात्रा निधि त्रिपाठी फिर से राष्‍ट्रीय महामंत्री बन गई हैं।

रांची,अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ( अभाविप) के चुनाव में गुजरात निवासी डाक्टर छगनभाई नानजी भाई पटेल को अखिल भारतीय अध्यक्ष चुना गया वहीं  जेएनयू की छात्रा निधि त्रिपाठी फिर से महासचिव बन गई। सत्र 20-21 के लिए दोनों का निर्विरोध निर्वाचन अभाविप के मुंबई कार्यालय में मंगलवार को हुआ।

इसकी घोषणा चुनाव अधिकारी डा. उमा श्रीवास्तव ने की। दोनों पदाधिकारी का कार्यकाल एक वर्ष के लिए होगा और दोनों 25-26 दिसंबर को नागपुर में होने वाले 66वें राष्ट्रीय अधिवेशन में पदभार ग्रहण करेंगे। उसी अधिवेशन में दोनों पदाधिकारी अपनी टीम की घोषणा करेंगे। कोरोना संक्रमण को देखते हुए इस बार के राष्ट्रीय अधिवेशन में सभी प्रांतों के प्रमुख कार्यकर्ता को ही आमंत्रित किया गया। वैसे राष्ट्रीय अधिवेशन में 1500 से 2000.कार्यकर्ता शामिल होते हैं।

अध्यक्ष तीन वर्ष व महामंत्री दो वर्ष के लिए बन सकते हैं

अभाविप में कालेज व विश्वविद्यालय में पढाने वाले व्यक्ति अध्यक्ष और कालेज व विश्वविद्यालय में अध्ययनरत विद्यार्थी ही महामंत्री चुने जाते हैं। कोई भी व्यक्ति अध्यक्ष अधिक से अधिक तीन वर्ष के लिए और महामंत्री दो वर्ष के लिए बन सकते हैं। डा. छगनभाई पटेल पहली बार अध्यक्ष चुने गए हैं वहीं निधि त्रिपाठी दूसरी बार महामंत्री चुनी गई है।

गुजरात में प्रोफेसर हैं पटेल व जेएनयू में पीएचडी कर रही हैं निधि त्रिपाठी

अभाविप के नवनिर्वाचित अध्यक्ष डा. छगनभाई नानजीभाई पटेल मूलतः गुजरात के महेसाणा जिले के हैं। अभी महेसाणा के सार्वजनिक फार्मेसी कालेज में प्रिंसिपल तथा गुजरात तकनीकी विश्वविद्यालय के फार्मेसी संकाय के संकायाध्यक्ष व विवि के कार्यकारी मंडल के सदस्य हैं। इसके साथ ही फार्मेसी काउंसिल आफ भारत के सदस्य हैं। इससे पहले डा. पटेल  अभाविप के नगर अध्यक्ष से लेकर प्रदेश अध्यक्ष व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष भी रह चुके हैं।वहीं निधि त्रिपाठी उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ की रहने वाली हैं। अभी दिल्ली में निवास है। जेएनयू में एमए व एमफिल करने के.बाद अभी वह़ी से पीएचडी कर रही हैं। 2013 से अभाविप में सक्रिय रूप से जुड़ी है। 2017 में जेएनयू छात्रसंघ चुनाव में अभाविप की ओर से अध्यक्ष पद का उम्मीदवार थीं। पूर्व में अभाविप की राष्ट्रीय मंत्री भी रह चुकी हैं।