स्थानीय भाषाओं में किसानों को नए कृषि कानूनों के लाभ की जानकारी देगी केंद्र सरकार

 

नए कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे किसान।

नए कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन के बीच केंद्र सरकार ने इसे लेकर किसानों को जागरूक करने की योजना बनाई है। मोदी सरकार प्रदर्शनकारियों को केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के आठ पन्नों के पत्र के साथ देश भर के किसानों तक पहुंचने की तैयारी में है।

नई दिल्ली, एएनआइ। दिल्ली बॉर्डर पर नए कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन के बीच केंद्र सरकार ने इसे लेकर किसानों को जागरूक करने की योजना बनाई है।  मोदी सरकार प्रदर्शनकारियों को केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के आठ पन्नों के पत्र के साथ देश भर के किसानों तक पहुंचने की तैयारी में है, जिसका विभिन्न क्षेत्रीय भाषाओं में अनुवाद होगा। सूत्रों ने कहा कि  कृषि कानूनों के लिए समर्थन प्राप्त करने मुख्य रूप से हिंदी भाषी राज्यों के लिए जो पत्र लिखा गया था, उसे अब देशभर के किसानों के बीच उनके परिचित भाषा में विस्तार से  प्रसारित किया जाएगा।

समाचार एजेंसी एएनआइ के अनुसार भारतीय जनता पार्टी ने केंद्रीय कृषि मंत्री का पत्र को  देश के प्रमुख स्थानीय भाषाओं में अनुवाद कराने का फैसला किया है। इसमें नए कृषि कानूनों का लाभ बताया गया है। गैर-हिंदी भाषी राज्यों में अधिकतर लोग हिंदी लिखते-पढ़ते नहीं हैं। राज्यों से मांग की गई है कि वे इसे पहले अंग्रेजी में अनुवाद करें और बाद में विभिन्न राज्यों में बोली जाने वाली भाषाओं में इसका अनुवाद हो।सूत्रों ने बताया कि नए कृषि कानूनों के बारे में सरकार के इरादे और तथ्य देश के हर किसान तक पहुंचाने के लिए पश्चिम बंगाल, तेलंगाना, तमिलनाडु, कर्नाटक और केरल जैसे गैर-हिंदी भाषी राज्यों में भी तोमर के पत्र का अनुवाद क्षेत्रीय भाषा में किया जा रहा है। इसके माध्यम से किसानों को यह बताने का प्रयास किया जा रहा है कि कानून उनके पक्ष में हैं। वाम दलों और कांग्रेस द्वारा दुषप्रचार किया जा रहा है।

केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने इससे पहले तीन कृषि कानूनों पर किसानों को एक खुला पत्र लिखा था। इसमें उन्होंने प्रदर्शनकारियों को विपक्षी दलों द्वारा इस्तेमाल किए जाने को लेकर  चेताया था। इस वर्ष संसद द्वारा पारित नए कृषि कानूनों की व्याख्या करते हुए मंत्री ने इसे लेकर प्रचारित किए जा रहे अफवाहों को भी दूर करने का प्रयास किया है। पत्र के दूसरे भाग में, मंत्री ने किसान समुदाय से अपील की थी कि वह देश विरोधी ताकतों की जाल में न फंसे, जो आंदोलन का उपयोग करके देश को अस्थिर करने की कोशिश कर रहे थे। मंत्री ने कहा था कि वही लोग किसानों के पीछे छिपे हैं और प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से अपने राजनीतिक हितों के लिए अशांति को बढ़ावा दे रहे हैं।