...और वुहान में कोरोना के बीच कुछ कड़वे और कुछ सुखद अनुभवों के साथ बीत गया एक साल

 वुहान में कोरोना के साए में कैसे कटा एक वर्ष

एक करोड़ से अधिक की आबादी वाले चीन के शहर वुहान में अब जीवन पटरी पर लौटने लगा है। लेकिन यहां से निकली कोरोना महामारी की चपेट से अब भी पूरा विश्‍व त्राहि त्राहि कर रहा है और परेशान है।

बीजिंग (रॉयटर्स)। वर्ष 2020 का एक ऐसा शहर जिसको वर्षों बाद भी कोई नहीं भूल सकेगा। ऐसे एक शहर का नाम है वुहान। जब-जब कोरोना वायरस की बात चलेगी तब-तब वुहान का नाम भी जरूर लिया जाएगा। इसी शहर से ये जानलेवा वायरस पूरी दुनिया में फैला था। चीन के इस शहर ने इसकी सबसे पहली मार झेली थी। अब इस घटना को एक साल पूरा हो रहा है। हालांकि पूरी दुनिया में इस वायरस का खौफ और संकट अभी तक कायम है। लेकिन इस बीच वुहान एक बार फिर पटरी पर आता दिखाई दे रहा है। इस एक वर्ष के दौरान वुहान के लोगों ने काफी कुछ देखा, झेला और काफी कुछ सहा भी। इस दौरान कई लोगों का अनुभव बिल्‍कुल नया था। उन्‍होंने काफी कुछ अलग देखा और सीखा। समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने ऐसे ही कुछ लोगों से उनके अनुभव जानने की कोशिश की है। आपको बता दें कि बीते वर्ष इन्‍हीं दिनों में वुहान में कोरोना महामारी की शुरुआत हुई थी जो जनवरी के अंत तक आधी और मार्च त तक पूरी दुनिया में फैल गई थी।   

जिस वक्‍त वुहान में कोरोना महामारी की घोषणा होने के बाद पहली बार 76 दिनों का लॉकडाउन लगा था उस वक्‍त स्‍वेच्‍छा से स्‍वास्‍थकर्मियों की मदद में लगे जुनमिंग का अनुभव इस दौरान कमाल का रहा। उन्‍होंने बताया कि काम इतना अधिक होता था कि किसी को भी खाना खाने की फुर्सत ही नहीं मिल पाती थी। स्‍वेच्‍छा से सेवा देने वाले लोग भी काफी कम थे और मरीजों की संख्‍या लगातार बढ़ती जा रही थी। लॉकडाउन के दौरान सड़कें पूरी तरह से सुनसान थीं। एक करोड़ से अधिक की आबादी वाला ये शहर कुछ समय के लिए भूतिया लगने लगा था। उन्‍होंने उम्‍मीद जताई कि वर्ष 2021 ऐसा कतई नहीं होगा और लोगों के लिए खुशहाली लेकर आएगा।

मैड रेट के सिंगर झांग शिंगाओ ने इस दौरान लगे लॉकडाउन में खुद गीत लिखे और उन्‍हें अपनी आवाज दी। उनके मुताबिक इन गीतों में उन चीजों का जिक्र था जिनसे जीवन को खुशी के साथ जीने की प्रेरणा ली जा सकती थी। इस दौरान उन्‍होंने काफी कुछ नया सीखा और उन्‍हें इस दौरान जो अनुभव हुआ वो पहले कभी नहीं हुआ था। ऐसा संकट उनके सामने नया था और पहली बार था। उन्‍हें पहले लगता था कि पृथ्‍वी पर इंसान सबसे ताकतवर है, लेकिन इस महामारी ने उनकी सोच बदल दी। उन्‍हें लगने लगा कि इंसान सबसे अधिक नाजुक है।पेशे से सर्जन फांग का पूरा समय ही लॉकडाउन और संकट के समय अस्‍पताल में ही बीता। इस दौरान उन्‍होंने अपनी पत्‍नी को बर्थडे विश करने के लिए वीडियो मैसेज का सहारा लिया। उनकी पत्‍नी डुआन ने बताया कि वो इस मैसेज को देखकर काफी भावुक हो गई थीं। इस महामारी के दौरान उन्‍हें और उनके पति को कई सारे कड़वे और सुखद अनुभव भी हुए।

ली वुहान में रेस्‍तरां चलाते थे। लॉकडाउन के दौरान उन्‍हें इस बात का अनुभव हुआ कि एक स्‍वस्‍थ शरीर कितना जरूरी होता है। उन्‍होंने बताया कि लॉकडाउन के दौरान केवल एंबुलेंस की ही आवाज खामोशी को तोड़ती थी। उन्‍हें लगता है कि अब वक्‍त बेहद तेजी के साथ आगे बढ़ रहा है।वी मेंगजिंग ने बताया कि लॉकडाउन और महामारी की वजह से कई सारी कंपनियां बंद हो गईं। इसकी वजह से लाखों लोग बेरोजगार हो गए। इसकी वजह से वुहान विकास की रफ्तार में पिछड़ गया। वो इस बात को सोचकर डरती थी कि कहीं वुहान में इसकी दूसरी लहर न आ जाए। उन्‍हें ऐसा इसलिए भी लगता था क्‍योंकि यहां पर पूरी दुनिया से लोग पढ़ने आते हैं। इस लिहाज से यहां पर छात्रों की तादाद काफी अधिक है। वो खुद भी डिजाइनिंग की स्‍टूडेंट हैं।

स्‍ट्रीट वैंडर जियांग ने लॉकडाउन के दौरान बिताए गए पलों को काफी सुखद बताया। उनका कहना था कि इस दौरान उन्‍हें अपने परिवार के बीच रहने खेलने का पूरा मौका मिला। उन्‍होंने कहा कि वो खुशनसीब हैं कि वो अपने परिवार के लिए इस दौरान हर जरूरी चीज मुहैया करवा सके। उनकी निगाह में वर्ष 2020 ठीक ही रहा। हालांकि उन्‍हें आने वाले वर्ष में अपने कारोबार से काफी उम्‍मीदें हैं। ऐसे ही डांसर लियु का कहना है कि वो 2021 को शांतिपूर्ण तरीके से जीना चाहती हैं।