कोरोना के कारण इस साल नहीं बुलाया जाएगा संसद का शीतकालीन सत्र, जनवरी में होगा बजट सत्र

 इस बार नहीं बुलाया जाएगा संसद का शीतकालीन सत्र। (फोटो: दैनिक जागरण)

देश में कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों को देखते हुए सरकार ने इस बार संसद का शीतकालीन सत्र नहीं बुलाने का फैसला किया है। अब सीधा जनवरी में संसद का बजट सत्र आयोजित किया जाएगा।

नई दिल्ली, एएनआइ। कोरोना वायरस का कहर दुनियाभर में तेजी से बढ़ रहा है। इस बीच संसद का शीतकालीन सत्र इस बार नहीं बुलाया जाएगा। सरकार ने ऐलान किया है कि कोरोना वायरस के कारण इस बार संसद के शीतकालीन सत्र का आयोजन नहीं किया जाएगा। सरकार अब सीधा जनवरी में संसद का बजट सत्र बुलाएगी।

केंद्रीय संसदीय मामलों के मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि कांग्रेस के अधीर रंजन चौधरी को संसद का शीतकालीन सत्र बुलाने के लिए उनके पत्र के जवाब में इस बार की पुष्टि की है। केंद्रीय संसदीय मंत्री प्रह्लाद जोशी द्वारा कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी को लिखे एक पत्र के अनुसार, सरकार जनवरी में बजट सत्र को शुरू कर सकती है।

संसदीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कांग्रेस नेता अधीर रंजन को लिखे अपने पत्र में कहा कि विभिन्न राजनीतिक दल के नेताओं ने शीतकालीन सत्र बुलाने को लेकर अपनी चिंताओं को व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि जनवरी 2021 बजट सत्र के लिए उपयुक्त है। संसदीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कांग्रेस नेता अधीर रंजन को लिखे अपने पत्र में कहा है कि कोरोना संकट के कारण इस बार मानसून सत्र भी सितंबर में हो पाया था, जिसमें काफी सावधानी बरती गई थी।प्रह्लाद जोशी ने अपने पत्र में लिखा कि सर्दी का मौसम कोरोना संकट के कारण काफी अहम है और फिलहाल दिल्ली में भी लगातार मामले बढ़ रहे हैं। अभी दिसंबर आधा बीत गया है और हमें जल्द ही कोरोना की वैक्सीन मिलने की उम्मीद है। ऐसे में मैंने कई दलों के नेताओं से संपर्क किया और उनसे शीतकालीन सत्र को लेकर बात की है। 

दरअसल, प्रह्लाद जोशी ने कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी की एक चिट्ठी का जवाब दिया है, जिसमें अधीर रंजन की तरफ से एक सत्र की मांग की गई थी। अधीर रंजन ने किसान प्रदर्शनों को लेकर विवादास्पद नए कृषि कानूनों पर चर्चा की मांग की थी। इस लेटर के जवाब में प्रह्लाद जोशी ने जवाब दिया कि उन्होंने सभी नेताओं के साथ विचार-विमर्श किया और सर्वसम्मति से कोविड-19 के कारण सत्र न बुलाए जाने पर सभी सहमत हुए थे।