भारतीय किसान यूनियन ने तीनों कृषि कानूनों का किया समर्थन, केंद्रीय मंत्री बोले, कुछ किसान फैला रहे भ्रम

 मीडिया से बात करते हुए कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर


भारतीय किसान यूनियन  के सदस्यों ने कृषि भवन में केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर  से मुलाकात की है। इस दौरान किसानों ने कृषि मंत्री से नए कानून और आंदोलन को लेकर बातचीत की है।

नई दिल्ली, एएनआइ। भारतीय किसान यूनियन (Kisan) के सदस्यों ने कृषि भवन में केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर से मुलाकात की। इस दौरान संगठन से जुड़े सदस्यों ने कृषि मंत्री से नए कानून और आंदोलन को लेकर बातचीत की। मुलाकात के बाद केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने बताया कि आज जो किसान मुझसे मिले उन्होंने तीनों कृषि कानूनों का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि वे बिल और सरकार के साथ हैं। चूंकि कुछ किसान गलत धारणा फैला रहे हैं इसलिए उन्हें भी गुमराह किया गया। जब मैंने उनसे बात की तो उन्होंने बिलों का स्पष्ट समर्थन किया। 

वहीं, सोमवार को भी केंद्रीय मंत्री ने अखिल भारतीय किसान समन्वय समिति से जुड़े विभिन्न राज्यों जैसे उत्तर प्रदेश, केरल, तमिलनाडु, तेलंगाना, बिहार और हरियाणा के किसानों से मुलाकात की थी। 10 किसान संगठन से जुड़े नेताओं ने सरकार के तीनों नए कृषि कानून का समर्थन किया था।

10 किसान संगठनों की समिति ने तोमर को एक ज्ञापन सौंपा था जिसमें कहा गया था कि देश के कुछ हिस्सों में किसानों के आंदोलन में कुछ तत्व और जिसमें विशेष रूप से कानूनों के बारे में किसानों के बीच गलतफहमी पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। ज्ञापन में सरकार से देश के कुछ हिस्सों में किसानों के आंदोलन के दबाव में तीन कानूनों को वापस नहीं लेने का आग्रह किया गया था।

बता दें कि कुछ दिन पहले ही भारतीय किसान यूनियन (भानु) (Bhartiya Kisan Union Bhanu) के राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर भानु प्रताप सिंह ने बताया था कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के आश्वासन के बाद उन्होंने चिल्ला बॉर्डर पर चल रहे धरने को समाप्त करने का फैसला किया है।गौरतलब है कि आंदोलनकारी किसान संगठनों के नेताओं ने सोमवार यानी 14 दिसंबर को एक दिन की भूख हड़ताल की थी और सभी जिला मुख्यालयों में नए कृषि कानूनों को निरस्त करने की अपनी मांग को को लेकर विरोध प्रदर्शन किए थे।