स्वच्छता सर्वेक्षण के लिए फिर से निगम ने कसी कमर, अभियान हुआ शुरू

 निगम प्लास्टिक कचरा और मलबे को साफ करवा रहा है।

निगम ने स्कूल सड़क और सामुदायिक भवनों के आसपास पड़े ऐसे कचरे को उठाना शुरू किया है जो रोजमर्रा की सफाई में नहीं उठ पाता। निगम ने इसके लिए बड़ी सड़कों के किनारे और सेंट्रल वर्ज के अलावा निगम स्कूलों के आसपास स्वच्छता अभियान शुरू कर दिया है।

नई दिल्‍ली,  संवाददाता। जनवरी के पहले सप्ताह से शुरू हो रहे स्वच्छता सर्वेक्षण के लिए दक्षिणी निगम ने कमर कस ली है। निगम ने स्कूल, सड़क और सामुदायिक भवनों के आसपास पड़े ऐसे कचरे को उठाना शुरू किया है जो रोजमर्रा की सफाई में नहीं उठ पाता। निगम ने इसके लिए बड़ी सड़कों के किनारे और सेंट्रल वर्ज के अलावा निगम स्कूलों के आसपास स्वच्छता अभियान शुरू कर दिया है। इसके तहत निगम प्लास्टिक कचरा और मलबे को साफ करवा रहा है।

दरअसल, 4 से लेकर 31 जनवरी को हर वर्ष स्वच्छता सर्वेक्षण शुरू होता है। राष्ट्रीय स्तर पर होने वाले इस सर्वेक्षण में देशभर के सभी निकायों में गला काट प्रतियोगिता होती है। सभी की कोशिश बेहतर स्वच्छता रैंकिंग लाने की होती है। इस वर्ष दक्षिणी निगम ने उत्तरी और पूर्वी निगम से बेहतर प्रदर्शन किया किया। हालांकि अब निगम की कोशिश शीर्ष 10 स्वच्छ शहरी निकायों की पंक्ति में शामिल होना है।

दक्षिणी निगम के स्वच्छता सर्वेक्षण के नोडल अधिकारी राजीव जैन ने बताया कि निगमायुक्त ज्ञानेश भारती के दिशानिर्देश पर निगम वर्ष 2020-21 के स्वच्छता सर्वेक्षण में बेहतर प्रदर्शन के लिए तैयारी कर रहा है। इसके तहत विभिन्न स्थानों कचरे से खाद बनाने और मॉडल वार्ड में घर-घर से कचरा उठाने का कार्य शुरू किया गया है। चूंकि अगले माह स्वच्छता सर्वेक्षण होना है।

इसके लिए निगम ने स्कूलों और सड़क के किनारे स्वच्छता अभियान शुरू किया है। उन्होंने बताया कि रोजमर्रा की सफाई में झाडू से धूल-मिट्टी तो साफ हो जाती है, लेकिन प्लास्टिक कचरा जैसे बोतल और पालीथिन ऐसे स्थानों पर रह जाती है जहां पर झाडू नहीं लगती है।इसलिए प्लास्टिक कचरे को उठाकर स्कूलों व सामुदायिक भवनों के आसपास इलाके को स्वच्छ किया जा रहा है। उल्लेखनीय है वर्ष 2019-20 के स्वच्छता सर्वेक्षण में दक्षिणी निगम ने 31वां स्थान पाया था तो वहीं उत्तरी निगम 43वें पर तो पूर्वी निगम 46वें स्थान पर रहा था। नई दिल्ली नगर पालिका परिषद (एनडीएमसी) का प्रदर्शन सबसे बेहतर रहा था, जहां देशभर में एनडीएमसी तीसरे स्थान पर था तो वहीं इसे राजधानी का सबसे स्वच्छ निकाय का भी सम्मान मिला था।