दिल्ली में गंगा' बहाने की तैयारी, यूपी से मिला प्रस्ताव; क्या तैयार होगी केजरीवाल सरकार

 270 क्यूसेक (140 एमजीडी) पानी के लिए उत्तर प्रदेश से बातचीत चल रही है।

उत्तर प्रदेश से एक प्री-फीजिबिलिटी रिपोर्ट मिली है। इसमें बताया गया है कि दिल्ली जल बोर्ड चाहे तो पेयजल के लिए उत्तर प्रदेश से दिल्ली गंगा का अतिरिक्त पानी लाने के लिए मुरादनगर से सोनिया विहार तक दूसरी पाइप लाइन डाल ले।

नई दिल्ली :  राजधानी दिल्ली में पेयजल किल्लत की कमी के मद्देनजर उत्तर प्रदेश का सिंचाई व जल संसाधन विभाग दिल्ली जल बोर्ड को गंगा का 140 एमजीडी अतिरिक्त पानी उपलब्ध कराने को तैयार है। बशर्ते पानी को दिल्ली लाने के लिए बुनियादी ढांचे के विकास का पूरा खर्च दिल्ली जल बोर्ड उठाए। इसके साथ ही जल बोर्ड उत्तर प्रदेश को सिंचाई के लिए सीवरेज का उपचारित पानी (एफ्लूएंट वाटर) भी उपलब्ध कराएगा। यदि दोनों राज्यों की सरकारों के बीच सहमति बनती है, तो इस परियोजना पर पर दो हजार करोड़ खर्च आएगा। यह खर्च जल बोर्ड को उठाना होगा। दिल्ली जल बोर्ड को यह प्रस्ताव उत्तर प्रदेश के अधिकारियों ने प्री-फीजिबिलिटी रिपोर्ट में दिया है। दिल्ली जल बोर्ड के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि करीब तीन माह पहले उत्तर प्रदेश से एक प्री-फीजिबिलिटी रिपोर्ट मिली है। इसमें यह बताया गया है कि दिल्ली जल बोर्ड चाहे तो पेयजल के लिए उत्तर प्रदेश से दिल्ली गंगा का अतिरिक्त पानी लाने के लिए मुरादनगर से सोनिया विहार तक दूसरी पाइप लाइन डाल ले।

दिल्ली जल बोर्ड को लेना है अंतिम फैसला

दरसअल, 270 क्यूसेक (140 एमजीडी) पानी के लिए उत्तर प्रदेश से बातचीत चल रही है। इसके बदले जल बोर्ड भी उत्तर प्रदेश को 140 एमजीडी सीवरेज का उपचारित पानी आगरा नहर के जरिये उपलब्ध कराएगा। इस परियोजना पर उत्तर प्रदेश ने करीब दो हजार करोड़ का खर्च बताया है। अब आगे इस पर फैसला दिल्ली जल बोर्ड को करना है। यह बातचीत अभी तक तकनीकी स्तर पर अधिकारियों के बीच है। दोनों ही राज्यों के अधिकारी प्रस्ताव से काफी हद तक सहमत हैं, लेकिन दोनों राज्यों के बीच राजनीतिक स्तर पर अभी बातचीत होनी बाकी है।

सामान्य तौर पर जल बोर्ड करीब 935 एमजीडी (मिलियन गैलन डेली) पानी आपूर्ति करता है। जबकि 1200 एमजीडी पानी की जरूरत होती है। लिहाजा, दिल्ली में 265 एमजीडी पानी की कमी है। वहीं, दूसरी तरफ सीवरेज शोधन से करीब 500 एमजीडी पानी उपलब्ध होता है। इसमें से 90 एमजीडी पानी का इस्तेमाल गैर घरेलू कार्यों में हो पाता। शेष पानी बहा दिया जाता है। इसके मद्देनजर जल बोर्ड ने उत्तर प्रदेश से पेयजल के लिए अतिरिक्त पानी देने और बदले में सिंचाई के लिए उपचारित पानी देने का प्रस्ताव दिया था।

सलाहकार की नियुक्ति को अक्टूबर में दी थी मंजूरी

उत्तर प्रदेश के अधिकारियों की सहमति के बाद जल बोर्ड ने पिछले साल अक्टूबर में एक सलाहकार की नियुक्ति को मंजूरी दी थी। ताकि उत्तर प्रदेश का सिंचाई विभाग सलाहकार नियुक्त कर जल बोर्ड को यह रिपोर्ट दे सके कि यह काम संभव है या नहीं। उत्तर प्रदेश से अभी दिल्ली को 240 एमजीडी पानी उपलब्ध होता है। यदि नई पहल से बात बनी तो आने वाले समय में 140 एमजीडी अतिरिक्त पानी मिल सकता है।