कैलाश चौधरी बोले, अगले दौर की वार्ता के लिए सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ आएं आंदोलनकारी किसान

 राजस्थान-हरियाणा बॉर्डर पर पुलिस ने लगाए बैरिकेड्स । (एएनआइ)


नए कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का प्रदर्शन जारी है। किसानों ने अपने आंदोलन को और तेज करने की बात कही है। किसानों ने आज दिल्ली-जयपुर हाइवे बंद करने का एलान किया है और वे राजस्थान-हरियाणा बॉर्डर के पास इकट्ठा हो रहे हैं।

नई दिल्ली। केंद्र के नए कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का प्रदर्शन जारी है। पिछले 17 दिनों से दिल्ली बॉर्डर पर डेरा डाले किसानों ने अपने आंदोलन को और तेज कर दिया है। जानकारी के अनुसार किसान दिल्ली-जयपुर हाइवे बंद करने के लिए दिल्ली की ओर कूच करना शुरू कर दिया है। समाचार एजेंसी एएनआइ के अनुसार किसान जयसिंहपुर- खेड़ा बॉर्डर (राजस्थान-हरियाणा बॉर्डर) के पास शाहजहांपुर में इकट्ठा हुए हैं। यहां सुरक्षा बलों ने बैरिकेड्स लगा दिए हैं।  इस बीच कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर और वाणिज्य और उद्योग राज्य मंत्री सोम प्रकाश ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से उनके आवास पर मुलाकात की।  

किसानों के प्रदर्शन के मद्देनजर दिल्ली पुलिस ने अतिरिक्त पुलिसकर्मियों को तैनात करके और जगह-जगह मल्टी लेयर्ड बैरिकेड्स लगाकर सुरक्षा बढ़ा दी है। शनिवार को किसान नेताओं ने 14 दिसंबर (सोमवार) को भूख हड़ताल करने का भी एलान किया। सरकार की कोशिश है कि बातचीत के माध्यम से गतिरोध को खत्म किया जाए, लेकिन किसान संगठन  कृषि कानूनों के वापसी की मांग पर अड़े हैं। किसान नेताओं और सरकार में कई दौर की वार्ता हो चुकी है, लेकिन इनमें से एक का भी नतीजा नहीं निकला है।

>> केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्यमंत्री कैलाश चौधरी ने कहा कि कृषि के तीनों क़ानूनों का समर्थन करने वाले किसानों को मैं धन्यवाद देना चाहता हूं। मैं आंदोलनकारी किसानों से आग्रह करता हूं कि इसका रास्ता बातचीत से ही निकलने वाला है। मुझे आशा है कि किसान वार्ता के अगले दौर में सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ आएंगे। अगर किसान दो कदम आगे बढ़ते हैं, तो सरकार भी दो कदम आगे बढ़ेगी, तभी किसी समाधान तक पहुंचा जा सकता है।