स्कूल फीस मामले में नोएडा के अभिभावकों ने फिर खटखटाया कोर्ट का दरवाजा

 बच्चों का शिक्षा का अधिकार सुनिश्चित रहेगा।

 अब अभिभावकों को एक बार फिर उम्मीद जागी है कि उन्हें कोर्ट से कुछ राहत मिलेगी और बच्चों की आनलाइन कक्षा और परीक्षा से बाहर नहीं किया जाएगा। बच्चों का शिक्षा का अधिकार सुनिश्चित रहेगा।

नोएडा। कोरोना काल में आर्थिक संकट से जूझ रहे अभिभावक लॉकडाउन के समय से ही सरकार से फीस कम करने की मांग कर रहे हैं, इस बीच जिले वह प्रदेशभर के कई अभिभावक इस मामले को हाई कोर्ट व सुप्रीम कोर्ट में भी ले जा चुके है। इसी कड़ी में सोमवार को नोएडा आईपीजीएस अभिभावक संघ से अभिभावक अभिष्ट गुप्ता ने इलाहबाद हाईकोर्ट में रिकॉल एप्लीकेशन दायर की है। 

गौरतलब है कि स्कूलों की मनमानी को लेकर मई में अभिभावकों ने हाईकोर्ट में पीआईएल दायर की थी, जिसे कोर्ट ने 22 जून को खारिज कर दिया था। इसके बाद अभिभावक सुप्रीम कोर्ट पहुंचे थे, जहां इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने अभिभावकों को रिव्यू पेटिशन डालने की अनुमित दी थी। अब एक बार फिर इस मामले को हाईकोर्ट में सुना जाएगा।

अभिभावक अभिष्ट गुप्ता बताते हैं कि याचिका में उन्होंने लॉकडाउन के दौरान स्कूलों द्वारा फीस को लेकर की जा रही मनमानी पर सवाल खड़ा किया था, साथ ही स्कूलों से सिर्फ ट्यूशन फीस लेने की मांग रखी जिससे आर्थिक संकट से जूझ रहे अभिभावकों को राहत मिल सके। अब अभिभावकों को एक बार फिर उम्मीद जागी है कि उन्हें कोर्ट से कुछ राहत मिलेगी और बच्चों की आनलाइन कक्षा और परीक्षा से बाहर नहीं किया जाएगा। बच्चों का शिक्षा का अधिकार सुनिश्चित रहेगा।

लॉकडाउन के समय से ही जारी है स्कूल फीस की जंग

अभिभावकों की आज के समय में सबसे बड़ी परेशानी यह है कि वह आर्थिक संकट के बीच स्कूलों को पूरे वर्ष की फीस कैसे जमा करें। आज के समय में स्थिति यह है कि जिले के कई निजी स्कूलों ने बच्चों की पूरी फीस नहीं मिलने के कारण उन्हें आनलाइन कक्षा में शामिल करना बंद कर दिया है और अब आनलाइन परीक्षा में भी भाग नहीं लेने दे रहे हैं। इस स्थिति को ध्यान में रखते हुए जिले के अभिभावक मई माह से ही लड़ाई लड़ रहे हैं लेकिन अभी तक कोई समाधान नहीं मिल सका है।

अभिभावकों की मांग है कि जब स्कूल बंद है और बच्चों की आनलाइन कक्षा संचालित हो रही है तो स्कूल पूरी फीस क्यों ले रहे हैं। जब स्कूल का खर्चा बच रहा है तो उन्हें अभिभावकों को फीस में रियायत देनी चाहिए, अभिभावकों से महामारी के समय में सिर्फ ट्यूशन फीस लेनी चाहिए ताकि अभिभावकों पर अतिरिक्त भार न पड़े। आईपीजीएस अभिभावक संघ से अभिभावक अभिष्ट गुप्ता ने इस मामले को लेकर मई में ही हाईकोर्ट में पीआईएल दायर की थी जिसे खारिज कर दिया गया था। इस मामले में अभिभावक जिला प्रशासन व जनप्रतिनिधियों से भी बातचीत कर चुके हैं लेकिन कहीं कोई समाधान नहीं मिला है।