किसानों के प्रदर्शन से लोगों को हो रही परेशानी

 ट्रक में किराना का सामान लदा हुआ है। इसे जम्मू लेकर जाना है लेकिन जा नहीं पा रहे।


सिंघु बॉर्डर के रास्ते ही उनका एक राज्य से दूसरे राज्य के लिए आवागमन होता था लेकिन 27 नवंबर से यहां पर किसान कृषि कानूनों के विरोध में धरने पर बैठे हैं। इस कारण लोगों को दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है।

नई दिल्ली,संवाददाता। किसानों के प्रदर्शन से पंजाब, हरियाणा, दिल्ली समेत कई राज्यों के लोगों को परेशानी हो रही है। सिंघु बॉर्डर के रास्ते ही उनका एक राज्य से दूसरे राज्य के लिए आवागमन होता था, लेकिन 27 नवंबर से यहां पर किसान कृषि कानूनों के विरोध में धरने पर बैठे हैं। इस कारण लोगों को दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है।

किराना का सामान लेकर जम्‍मू जाने के लिए कर रहे इंतजार

शुक्रवार देर रात को औचंदी बॉर्डर पर खड़े ट्रक ड्राइवरों में से एक जसविंदर ने बताया कि ट्रक में किराना का सामान लदा हुआ है। इसे जम्मू लेकर जाना है, लेकिन किसानों के प्रदर्शन की वजह से सिंघु बॉर्डर के रास्ते नहीं जा पा रहे हैं। ऐसे में गांवों के रास्ते से औचंदी बॉर्डर आना पड़ रहा है, जहां से आगे का रास्ता तय करेंगे। लेकिन, दिक्कत यह भी है कि यहां पर काफी संख्‍या में ट्रक फंस जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि कुछ प्रदर्शनकारियों की जिद की वजह से लाखों लोगों को परेशान होना पड़ रहा है। अगर उनको प्रदर्शन ही करना है तो बुराड़ी जाकर करें। हरियाणा व पंजाब से दिल्ली आने वाले व दिल्ली से दूसरे राज्यों को जाने वाले हजारों लोगों को रोज प्रदर्शन की वजह से कई किलोमीटर दूर तक पैदल चलना पड़ता है।

हर दिन चलना पड़ रहा छह-सात किलोमीटर पैदल

किसानों के प्रदर्शन की वजह से 16 दिन में सिंघु, टीकरी व औचंदी बॉर्डर से लाखों लोग पैदल अपने गंतव्य तक गए। इन लोगों में दिल्ली, हरियाणा में नौकरी करने वाले व आसपास के लोग भी शामिल हैं। दिल्ली की एक निजी कंपनी में नौकरी करने वाले सोनीपत निवासी महेश ने बताया कि प्रदर्शन की वजह से उन्हें हर रोज छह से सात किलोमीटर पैदल चलना पड़ता है।