2.21 करोड़ रुपये की ठगी में पिता-पुत्र गिरफ्तार, लक्की ड्रा के माध्यम से लोगों को लगाते थे चूना

 

2.21 करोड़ रुपये की ठगी में पिता-पुत्र गिरफ्तार।
दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (इओडब्ल्यू) ने 2.21 करोड़ रुपये की ठगी में 59 वर्षीय भुवनेश गुप्ता और उसके बेटे विवेक गुप्ता को गिरफ्तार किया है। उन्होंने लक्की ड्रा के माध्यम से लोगों से रुपये ठगे थे।

नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (इओडब्ल्यू) ने 2.21 करोड़ रुपये की ठगी में 59 वर्षीय भुवनेश गुप्ता और उसके बेटे विवेक गुप्ता को गिरफ्तार किया है। उन्होंने लक्की ड्रा के माध्यम से लोगों से रुपये ठगे थे। ठगों ने मोहिनी एंटरप्राइजेज नाम की कंपनी खोल लोगों को लक्की ड्रा में निवेश करने के लिए प्रेरित किया था। झांसा देने के लिए ठगों ने उक्त योजना को सरकारी एजेंसी द्वारा अनुमोदित भी बताया था।

इओडब्ल्यू के संयुक्त पुलिस आयुक्त डॉ. ओ.पी. मिश्रा बताया कि प्रभात गुप्ता और कई अन्य लोगों ने पुलिस में ठगी की शिकायत की थी। पीड़ितों ने बताया था कि भुवनेश गुप्ता और उसके बेटे विवेक गुप्ता ने उत्तम नगर इलाके में मोहिनी ज्वेलर्स के नाम से गहने की दुकान खोल रखी थी। बाद में उन्होंने मोहिनी एंटरप्राइजेज के नाम पर वर्ष 2017 में लकी ड्रा की दो योजनाएं शुरू की थी। पहली योजना के अनुसार प्रत्येक सदस्य को 20 महीने तक तीन हजार रुपये और दूसरे योजना के मुताबिक 75 हजार रुपये जमा कराने थे। प्रत्येक माह ड्रा निकाला जाता था और विजेता को पुरस्कार के रूप में कार, एसी और फ्रिज आदि दी जाती थीं।

आरोपितों ने यह दावा किया था यदि किसी का ड्रा नहीं निकलता है तो 20 महीने बाद तीन हजार रुपये जमा करने वाले को 63 हजार और 75 हजार रुपये वालों को 15 लाख 75 हजार रुपये के गहने दिए जाएंगे। इस बारे में पंफलेट भी वितरित कराए गए थे। जिससे कई लोगों ने योजना के तहत रुपये जमा करने शुरू कर दिए। लेकिन इसी बीच 18 ड्रॉ होने के बाद नवंबर 2018 में आरोपित लोगों के 2.21 करोड़ रुपये लेकर रातों रात दुकान बंद कर फरार हो गए। शिकायत पर मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने आरोपितों की तलाश शुरू की और दो जनवरी को पिता-पुत्र को धर दबोचा। पूछताछ में पता चला कि भुवनेश गुप्ता परिवार के साथ गत तीन दशकों से उत्तम नगर इलाके में रह रहा है। गहने के काम में ज्यादा मुनाफा नहीं होने के कारण पिता-पुत्र ने लक्की ड्रा के द्वारा लोगों को ठगने की योजना तैयार की थी।