अवमानना ​​नोटिस पर कामरा ने सुप्रीम कोर्ट में जवाब दायर किया, कहा- याचिकाकर्ता को कॉमेडी की समझ नहीं

 

अवमानना ​​नोटिस पर कामरा ने सुप्रीम कोर्ट में जवाब दायर किया।

नई दिल्ली। स्टैंड-अप कॉमेडियन कुणाल कामरा ने शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में न्यायपालिका के खिलाफ अपने ट्वीट्स के अवमानना ​​नोटिस के जवाब में माफी मांगने से इनकार कर दिया है। उन्होंने जवाब में कहा याचिकाकर्ता को कॉमेडी की समझ नहीं है। कुछ चुटकुलों से लोगों की नजर में न्यायपालिका का सम्मान कम नही होता। कामरा ने अर्णव गोस्वामी को जमानत के बारे में विवादित ट्वीट किए थे। वहीं, कोर्ट ने कुणाल कामरा के अवमानना मामले की सुनवाई दो सप्ताह के लिए स्थगित कर दी है। याचिकाकर्ता की ओर से कुणाल के जवाबी हलफनामे का उत्तर दाखिल करने के लिए समय मांगा गया था।स्टैंड-अप कॉमेडियन कुणाल कामरा ने शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में न्यायपालिका के खिलाफ अपने ट्वीट्स के अवमानना ​​नोटिस के जवाब में कहा कि याचिकाकर्ता को कॉमेडी की समझ नहीं है। कुछ चुटकुलों से लोगों की नजर में न्यायपालिका का सम्मान कम नही होता।

कामरा ने सुप्रीम कोर्ट से कहा कि देश की सर्वोच्च अदालत में लोगों के विश्वास को कम करने के इरादे से उन्होंने ट्वीट नहीं किए थे। अगर अदालत का मानना है कि उन्होंने सीमा लांघी है और अनिश्चित काल के लिए उनका इंटरनेट बंद करना चाहते है, तो वह भी अपने कश्मीरी दोस्तों की तरह  हर 15 अगस्त  को 'हैप्पी स्वतंत्रता दिवस पोस्ट कार्ड लिखेंगे। उन्होंने कहा कि 'बेअदबी और अतिशयोक्ति' कॉमेडी के लिए आवश्यक हैं और एक कॉमिक अपने स्वयं के अनूठे तरीके से जनहित के मुद्दों पर सवाल उठाती है।

18 दिसंबर को सुप्नीम कोर्ट ने जारी किया था कारण बताओ नोटिस

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कामरा ने कहा, 'मैं कई मामलों में अदालतों के फैसलों से असहमत हो सकता हूं, लेकिन वादा करता हूं कि मैं इस पीठ के किसी भी फैसले का हंसी-खुशी सम्मान करूंगा। इस मामले में इस बेंच या सुप्रीम कोर्ट की अवेहलना नहीं करूंगा, क्योंकि यह वास्तव में अदालत की अवमानना होगी।' कॉमेडियन ने कहा कि उनका मानना है कि इस देश में असहिष्णुता में बढ़ रही है। हम लगातार अभिव्यक्ति और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला देख रहे हैं। बता दें कि पिछले साल 18 दिसंबर को सुप्नीम कोर्ट ने अवमानना मामले में कामरा को कारण बताओ नोटिस जारी किया था।