जानें- कौन है अरबों का घोटालेबाज आरिफ नकवी, जिसे अब ब्रिटेन को करना होगा अमेरिका के हवाले


आरिफ नकवी को अमेरिका को सौंपने के आदेश

अमेरिकी कोर्ट से 300 वर्षों की सजा पाने वाले पाकिस्‍तानी मूल के ब्रिटिश व्‍यवसायी आरिफ नकवी को कोर्ट ने यूएस को सौपने का आदेश दिया है। इस बार कोर्ट में उसके वकील की कोई दलील काम नहीं आई।

नई दिल्‍ली (ऑनलाइन डेस्‍क)। पाकिस्‍तानी मूल के ब्रिटिश व्‍यवसायी आरिफ मसूद नकवी को ब्रिटेन की वेस्‍टमिनिस्‍टर कोर्ट ने अमेरिका को प्रत्‍यर्पित करने का आदेश दिया है। अमेरिकी कोर्ट ने नकवी को धोखाधड़ी, गबन और घोटालों का दोषी मानते हुए 300 वर्ष की सजा सुनाई है। कोर्ट में इस फैसले का विरोध करते हुए नकवी के वकील का कहना था कि वहां पर उनकी जान को खतरा है। इस पर आदेश देते समय कोर्ट ने कहा कि वो अमेरिका में उसके मानवाधिकारों का हनन न हो, इस पर कड़ी निगाह रखेगी। ब्रिटिश मीडिया के मुताबिक इस फैसले के बाद नकवी ने किसी भी तरह की कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। उसने मीडियाकर्मियों से भी कोई बात नहीं की। हालांकि उसके वकील ने इतना जरूर कहा है कि वो इस फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील करेंगे। गौरतलब है कि वर्ष 2007 में पाकिस्‍तान की सरकार ने उसको सितारा ए इम्तियाज से भी नवाजा था।

क्रिमीनल इंटरप्राइजेज का सरदार

गौरतलब है कि नकवी पाकिस्‍तान सरकार की मदद से लगातार अमेरिका प्रत्‍यर्पण करने का विरोध करता रहा है। हालांकि इस बार ब्रिटेन की अदालत में उसकी एक नहीं चली और उसको कोर्ट ने अमेरिका को सौंपने का आदेश दे दिया। आपको यहां पर ये भी बता दें कि अमेरिकी अदालत ने अपना फैसला सुनाते समय नकवी को क्रिमीनल इंटरप्राइजेज का सरदार कहा था। कोर्ट का कहना था कि वर्ष 2017 में उसकी कंपनी में निवेश करने वालों के कई ईमेल में इस बात का जिक्र किया गया था कि उनके दिए पैसे का दुरुपयोग किया जा रहा है। कोर्ट ने माना कि नकवी ने इस पैसे का इस्‍तेमाल पाकिस्‍तानी राजनेताओं को सरकार को रिश्‍वत के तौर पर किया जिससे उसकी कंपनी को बिजली कंपनी में हिस्‍सेदारी मिल सकें।

एक समय था जब नकवी ने 13 अरब डॉलर के फंड मैनेजमेंट का दावा किया था। इसके बाद उस पर भ्रष्‍टाचार के बेहद गंभीर आरोप लगे थे। आपको बता दें कि आरिफ संयुक्‍त अरब अमिरात की कंपनी द अबराज ग्रुप का मालिक है। ये दुबई की सबसे बड़ी इक्विटी कंपनी में से एक थी। वह अपने परिवार के साथ सेंट्रल लंदन में रहता है। आरिफ पर 23 करोड़ डॉलर से अधिक के गबन का आरोप है। अमेरिका की अपील पर उसको वर्ष 2019 में स्‍कॉटलैंड यार्ड की पुलिस ने हीथ्रो हवाई अड्डे से गिरफ्तार किया था। आरिफ नकवी की पाकिस्‍तान के राजनेताओं से बेहद करीबी संबंध हैं। यही वजह है कि जब मई 2019 में वो ब्रिटेन की एक जेल से जमानत पर रिहा हुआ तो उसने उस वक्‍त ब्रिटेन की यात्रा पर आए विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी से मुलाकात की थी।

बिल गेट्स फाउंडेशन ने जताई थी आशंका

आरिफ की करतूतों का पर्दाफाश उस वक्‍त हुआ था जब उसके हेल्‍थ केयर फंड में बिल एंड मिलिंडा गेट्स फाउंडेशन ने बड़ी राशि निवेश की थी। इसके बाद वहां से ही आरिफ पर फंड के दुरुपयोग की आशंका जताई गई थी। इसके बाद ही आरिफ के घोटाले का राज सामने आ सका। नकवी ने सबसे पहले कराची में अमन फाउंडेशन के नाम से एक गैर सरकारी संगठन बनाया था। इस संगठन के जरिए उसने सिंध में परिवार कल्याण कार्यक्रम शुरू करने का फर्जी खाका तैयार किया था। इसकी फंडिंग के लिए ही उसने बिल एंड मिलिंडा गेट्स फाउंडेशन से संपर्क साधा था।

ऐसे ऊठा और यूं गिरा नकवी

गौरतलब है कि नकवी लंदन स्कूल ऑफ इकॉनॉमिक्स से ग्रेजुएट है और कई कई मल्टीनेशनल कंपनियों के साथ काम कर चुका है। वर्ष 2002 में उसने अबराज केपिटल का गठन किया था जो अफ्रीका, एशिया, लेटिन अमेरिका, मिडिल ईस्‍ट, तुर्की, और सेंट्रल एशिया तक फैला था। वर्ष 2012 में इसका विलय औरोज कैपिटल में कर दिया गया। इसके बाद ये द अबराज ग्रुप बनकर सामने आया। 2018 में ये ग्रुप आर्थिक दृष्टि से धराशायी हो गया। इससे पहले मार्च 2018 में नकवी ने इस ग्रुप के सीईओ पद को छोड़ दिया था। इस बीच दुबई में नकवी की कंपनी द्वारा कथित धांधली की जांच शुरू हुई। इसके बाद नकवी ने रिच आर्ट कलेक्‍शन की शुरुआत की। अबराज के धराशायी होने के बाद 2018 में उसका आर्टवर्क क्रिस्टीज के जरिए 20 लाख पाउंड में बिका था। 5 अप्रैल 2019 को घोटाले के आरोप में नकवी को गिरफ्तार कर लिया गया। उस पर 230 मिलियन डॉलर की धोखाधड़ी का आरोप लगाया गया था। यूएई की एक अदालत ने उसको धोखाधड़ी के आरोप में तीन साल की सजा सुनाई थी।