गाजियाबाद के अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश योगेश कुमार ने किया सुसाइड

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गाजियाबाद के अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश-9 योगेश कुमार की फाइल फोटो।

 संवाददाता से मिली जानकारी के मुताबिक सिहानी गेट थाना क्षेत्र में राकेश मार्ग के पास स्थित जज कॉलोनी में रहते थे। उन्होंने आत्महत्या किन वजहों से की? इसका पता नहीं चल पाया है।

नई दिल्ली । गाजियाबाद के अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश-9 योगेश कुमार ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। जागरण संवाददाता से मिली जानकारी के मुताबिक, सिहानी गेट थाना क्षेत्र में राकेश मार्ग के पास स्थित जज कॉलोनी में रहते थे। उन्होंने आत्महत्या किन वजहों से की? इसका पता नहीं चल पाया है।

अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश-9 योगेश कुमार शर्मा (45) ने शुक्रवार तड़के फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मामला सिहानी गेट थाना क्षेत्र का है। सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने न्यायाधीश का शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पोस्टमार्टम के लिए डॉक्टरों के पैनल का गठन किया गया है।

एसपी सिटी- प्रथम निपुण अग्रवाल ने बताया कि सिहानी गेट थाना क्षेत्र स्थित न्यायाधीश आवासीय सोसायटी के टावर नंबर-2 स्थित फ्लैट नंबर 303 में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश योगेश कुमार शर्मा, पत्नी व दो बच्चों के साथ रहते थे। शुक्रवार तड़के उन्होंने कमरा बंद कर फांसी लगा ली। पत्नी व बच्चे दूसरे कमरे में सो रहे थे। पत्नी की आंख खुली तो वह पति के कमरे में पहुंची। कमरे का दरवाज़ा अंदर से बंद था।काफ़ी खटखटाने के बावजूद दरवाज़ा नहीं खुला तो उन्होंने पड़ोस के रहने वाले न्यायाधीशों को उठाया। न्यायाधीशों ने गार्डों को बुलवाकर दरवाजा तुड़वाया। कमरे में योगेश कुमार शर्मा फंदे से लटके हुए थे।

न्यायाधीशों ने गार्डों की मदद से उन्हें फंदे से उतारा और निकट के यशोदा अस्पताल में भर्ती कराया। वहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सूचना पर शुक्रवार सुबह जिला न्यायाधीश नीरज निगम, डीएम अजय शंकर पांडेय, एसएसपी कलानिधि नैथानी, ज़िले में तैनात अन्य न्यायाधीश और बार एसोसिएशन के पदाधिकारी मौके पर पहुंचे।

स्वजन के पहुंचने के बाद योगेश कुमार शर्मा का शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। उनके छोटे भाई मनोज कुमार शर्मा ने बताया कि अंतिम संस्कार मेरठ में होगा। वह मेरठ में गढ़ रोड स्थित वैशाली कॉलोनी के रहने वाले थे।