किसान आंदोलन के समर्थन में महागठबंधन ने बनाई मानव श्रृंखला, आयोजन की अनुमति को लेकर विवाद


मानव कतार में शामिल नेता प्रतिपक्ष तेजस्‍वी यादव, प्रदेश अध्‍यक्ष जगदानंद और कांग्रेस नेता अजीत शर्मा। जागरण फोटो।


पटना, राज्य ब्यूरो । 
केंद्रीय कृषि कानून के खिलाफ एवं किसान आंदोलन के समर्थन में राजद की अपील पर महागठबंधन के घटक दलों ने शनिवार (30 जनवरी) को प्रदेेश में मानव श्रृंखला बनाई। राजधानी में बुद्ध स्मृति पार्क के पास नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव और कांग्रेस विधानमंडल दल के नेता अजीत शर्मा समेत कई नेता कतार में खड़े हुए। उन्होंने दावा किया कि कानून वापसी तक आंदोलन जारी रहेगा। मानव श्रृंखला का आयोजन दोपहर 12.30 बजे से एक बजे तक किया गया। इसमें राजद के अलावा, कांग्रेस एवं तीनों वामदल के नेता-कार्यकर्ता सड़क के किनारे खड़े रहे।नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के नेतृत्‍व में किसान आंदोलन के समर्थन में बिहार में मानव शृंखला बनाई गई। बिहार में बाजार समिति एवं मंडी व्यवस्था फिर से लागू करने की मांग की । सीएम नीतीश ने तंज कियाविपक्षी को मानव शृंखला की अहमियत तो पता चली ।

नेता प्रतिपक्ष ने केंद्र और राज्य सरकारों को किसान विरोधी बताया और कहा कि नए कृषि कानून के जरिए बिहार के किसानों के साथ भी हकमारी की जा रही है। उन्होंने दावा किया कि महागठबंधन के दल किसानों के साथ हैं। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार बिहार में भी किसानों के लिए बाजार समिति शुरू करें।

तेजस्वी ने पहले ही कह रखा था कि कोरोना गाइडलाइन का अनुपालन करते हुए कतार में खड़े लोग दो गज की दूरी का ख्याल रखेंगे। इसलिए सभी कार्यकर्ता एक-दूसरे से दूर-दूर थे। तेजस्वी के साथ कतार में राजद के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह, श्याम रजक, मनोज झा, प्रेम कुमार गुप्ता समेत सैकड़ों लोग खड़े थे।

आयोजन की अनुमति को लेकर विवाद

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मानव श्रृंखला से पहले उसके लिए अनुमति को लेकर विवाद हो गया। पटना जिला प्रशासन की ओर से दावा किया गया कि राजद ने आयोजन की अनुमति नहीं मांगी है, जबकि राजद ने कहा कि 19 जनवरी को ही आधिकारिक तौर पर गृह विभाग के प्रधान सचिव को पत्र देकर सूचित किया गया था। चूंकि आंदोलन प्रदेश स्तर का है, इसलिए अलग-अलग जिलों से अनुमति लेने की जरूरत नहीं थी। गृह सचिव को सूचित करने के बाद अलग से कोई प्रक्रिया बाकी नहीं रह जाती है।