कोरोना की मार से अर्थव्‍यवस्‍था को उबारने के लिए यूएई निवेशकों समेत अन्‍य पेशेवरों को देगा अपनी नागरिकता

 

यूएई ने निवेशकों समेत विशेष प्रतिभा वाले लोगों को अपनी नागरिकता देने की योजना का एलान किया है।

दुबई, रॉयटर/एपी। संयुक्त अरब अमीरात यानी यूएई (United Arab Emirates, UAE) ने शनिवार को अबू धाबी और दुबई में कुछ विदेशियों को नागरिकता देने की योजना की घोषणा की। समाचार एजेंसी एपी की रिपोर्ट के मुताबिक यह कदम कोरोना संकट से प्रभावित अर्थव्‍यवस्‍था में जान फूंकने के लिए उठाया गया है। UAE जिन विदेशियों को अपनी नागरिकता देगा उनमें निवेशक, विशेष प्रतिभा वाले लोग, डॉक्टर, इंजीनियर, वैज्ञानिक, कलाकार, लेखक और उनके परिवार के लोगों समेत अन्‍य पेशेवर शामिल हैं।  संयुक्त अरब अमीरात यानी यूएई (United Arab Emirates UAE) ने अर्थव्‍यवस्‍था में जान फूंकने के लिए निवेशकों समेत विशेष प्रतिभा वाले लोगों को अपनी नागरिकता देने की योजना का एलान किया है। जानें और किन लोगों को यूएई देगा नागरिकता...

इससे पहले यूएई ने उन फिलिस्तीनियों एवं अन्य लोगों को नागरिकता दी थी जिन्होंने सन 1971 में इसके गठन के बाद देश की सरकार बनाने में योगदान दिया था। दुबई के शासक शेख मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम (Sheikh Mohammed bin Rashid Al Maktoum) ने शनिवार इस बड़े कदम की घोषणा की। शेख मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम राष्ट्र के प्रधानमंत्री और उपाध्यक्ष के रूप में भी काम करते हैं। उन्‍होंने कहा कि यह प्रस्ताव कलाकारों, लेखकों, डॉक्टरों, इंजीनियरों और वैज्ञानिकों के साथ-साथ उनके परिवारों को भी नागरिकता देने पर लागू हो सकता है। 

शेख मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम (Sheikh Mohammed bin Rashid Al Maktoum) ने ट्वीट कर कहा कि जिन लोगों को नागरिकता दी जानी है उन पर फैसला देश के सात अमीरात और संघीय प्रशासन करेगा। जिनको नागरिकता दी जाएगी वे अपनी पुरानी नागरिकता भी धारण कर सकेंगे। अभी यह स्‍पष्‍ट नहीं है कि जिन्‍हें यह नागरिकता दी जाएगी उनको क्‍या यूएई क्रैडल-टू-ग्रेव का भी अधिकार प्रदान किया जाएगा जिसे संयुक्त अरब अमीरात अपने नागरिकों को देता है।

मौजूदा वक्‍त में यूएई 90 लाख से अधिक लोगों का घर है लेकिन इनमें से केवल दसवां शख्‍स ही संयुक्त अरब अमीरात के नागरिक के तौर पर दर्ज है। बीते नवंबर में संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने विदेशी पेशेवरों को 10 साल का गोल्डन वीजा जारी किए जाने को मंजूरी दी थी। इन पेशेवरों में पीएचडी डिग्रीधारक, चिकित्सक, इंजीनियर और विश्वविद्यालयों के कुछ विशेष स्नातक शामिल थे। संयुक्त अरब अमीरात के उक्‍त कदम से भारतीयों को भी लाभ होने की संभावना है क्‍योंकि बड़ी संख्‍या में भारतीय विशेषज्ञ भी यूएई में काम करने जाते हैं।