कृषि कानूनों पर नीतीश की चुप्‍पी पर तेजस्‍वी ने उठाया सवाल, बोले- पंजाब-हरियाणा की तरह बिहार में भी होगा आंदोलन

तेजस्‍वी यादव एवं नीतीश कुमार। फाइल तस्‍वीरें।

पटना, राज्य ब्यूरो। किसान आंदोलन के समर्थन में राजद के प्रस्ताव पर महागठबंधन की मानव श्रृंखला शनिवार को होने जा रही है। तैयारी बड़ी है। बीमार लालू प्रसाद की तीमारदारी के लिए दिल्ली गए नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी ने यादव लौट कर साथी दलों के साथ तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने दावा किया कि पंजाब-हरियाणा की तरह बिहार में भी किसान आंदोलन होगा। तेजस्‍वी यादव ने नए कृषि कानूनों पर नीतीश कुमार की चुप्‍पी पर सवाल उठाते हुए कहा कि मुख्‍यमंत्री को अपनी राय रखनी चाहिए।केंद्र के नए कृषि कानूनों के खिलाफ महागठबंधन की मानव श्रृंखला शनिवार को आयोजित होगी। इसके पहले तेजस्‍वी यादव ने मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार की चुप्‍पी पर सवाल उठाया। यह भी कहा कि बिहार में पंजाब-हरियाणा की तरह ही किसानों का बड़ा आंदोलन होगा।

तेजस्वी ने कांग्रेस के विधानमंडल दल के नेता अजीत शर्मा एवं वामदलों के नेताओं के साथ मीडिया से बात करते हुए दावा किया कि किसानों के साथ हम अंतिम दम तक खड़े रहेंगे। मानव श्रृंखला की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। बिहार में बाजार समिति एवं मंडी व्यवस्था फिर से लागू करना चाहिए।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की चुप्पी पर उठाए सवाल

किसान आंदोलन के मुद्दे पर तेजस्वी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की चुप्पी पर सवाल उठाया और कहा कि बिहार में 2006 में ही मंडी व्यवस्था को खत्म कर दिया गया, जिससे किसानों को उपज का दाम नहीं मिल रहा है। किसान मजदूर बन गए हैं। सीएम अब उन्हें भिखारी बनाने पर तुले हैं। कृषि कानूनों पर मुख्यमंत्री को अपनी राय का इजहार करना चाहिए। क्या यह कृषि कानून किसानों के हित में है, इसपर सीएम को बोलना चाहिए। उन्होंने कहा कि मानव श्रृंखला ही अंत नहीं है हमारे आंदोलन का। उसके बाद भी कार्यक्रम चलते रहेंगे।

तेजस्वी यादव ने कहा कि नए कृषि कानून किसानों के लिए छलावा हैं। समर्थन मूल्य पर अनाज की खरीद नहीं हो रही है। यह बिचौलियों को मालामाल बनाने का तरीका है। उन्होंने कहा कि उन्हें हैरत है कि समाजवादी आंदोलन से निकले हुए नीतीश कुमार आज कुर्सी बचाने के अभियान में लगे हैं। प्रदेश में सरकार के सारे कार्यक्रम कागजों पर चल रहे हैं।