पीएम मोदी के इस कानून से दिल्‍ली के तीन लाख से अधिक व्‍यापारियों को मिली राहत

 

कन्फेडरेशन आफ आल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीन खंडेलवाल।
कन्फेडरेशन आफ आल इंडिया ट्रेडर्स के राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीन खंडेलवाल ने प्रधानमंत्री व केंद्रीय शहरी विकास मंत्री हरदीप पुरी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इसके जारी रहने से दिल्ली के विभिन्न क्षेत्रों में काम कर रहे लगभग तीन लाख से अधिक व्यापारियों को सीलिंग से राहत मिलेगी।

नई दिल्ली, संवाददाता। केंद्र सरकार ने दिल्ली के व्यापारियों को सीलिंग व तोड़फोड़ से बचाने के लिए के लिए राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (विशेष प्रावधान) अधिनियम को तीन साल के लिए आगे बढ़ाने का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। अब यह कानून 31 दिसंबर 2023 तक लागू रहेगा। राष्ट्रपति के हस्ताक्षर होकर यह कानून अध्यादेश के जरिये लागू हुआ है। कन्फेडरेशन ऑफ आल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीन खंडेलवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व केंद्रीय शहरी विकास मंत्री हरदीप पुरी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इसके जारी रहने से दिल्ली के विभिन्न क्षेत्रों में काम कर रहे लगभग तीन लाख से अधिक व्यापारियों को सीलिंग और तोड़फोड़ से राहत मिलेगी। इसी तरह 10 लाख से अधिक काम करने वाले कर्मचारी भी बेरोजगार होने से बचेंगे।

लोगों के लिए करवाया पार्क का सुंदरीकरण

वहीं, दक्षिणी दिल्ली नगर निगम के सेंट्रल जोन की चेयरपर्सन व तुगलकाबाद एक्सटेंशन की पार्षद पूनम भाटी ने बताया कि स्थानीय लोगों की सुविधा के लिए यहां की गली नंबर एक के पार्क का सुंदरीकरण करवा दिया गया है। पार्क में ओपन जिम लगवाया गया है, ताकि लोग इनमें आकर एक्सरसाइज कर सकें। पूनम ने बताया कि यह पार्क पहले डीडीए का था, लेकिन हाल ही में इसे नगर निगम को हस्तांतरित कर दिया गया है और निगम की ओर से ही इसका सुंदरीकरण करवाया गया है।

पूनम भाटी ने बताया कि पार्क में फैंसी स्ट्रीट लाइटें लगवाई गई हैं और बच्चों के मनोरंजन के लिए झूले भी लगवाए गए हैं। इस पार्क के सुंदरीकरण की स्थानीय लोग काफी समय से मांग कर रहे थे, लेकिन बीच में लाकडाउन के कारण काम नहीं हो पाया। काफी घनी आबादी होने के कारण यहां पर लोगों को एक्सरसाइज करने, खेलने व सुबह-शाम वॉक करने के लिए जगह नहीं मिल पाती थी।

खंडेलवाल ने बताया कि यह अधिनियम पहली बार 2011 में लागू किया गया था, जिसे मोदी सरकार ने वर्ष 2017 तक बढ़ा दिया था, जिसकी मियाद 31 दिसंबर 2020 को खत्म हो गई थी। इससे अनधिकृत कालोनी, गांव आबादी क्षेत्र (शहरी गांवों सहित), फार्म हाउस, औषधालय, धार्मिक व सांस्कृतिक संस्थाओं के साथ गोदामों को सीलिंग मिली हुई है। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष अक्टूबर में केंद्रीय शहरी विकास मंत्री से मुलाकात कर इस कानून को आगे लागू रखने का अनुरोध किया था।