चुनौती कितनी बड़ी क्यों न हो, न हम रुकेंगे और न भारत रुकेगा', पढ़ें- राष्ट्रपति के अभिभाषण की बड़ी बातें

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'चुनौती जितनी बड़ी क्यों न हो, न हम रुकेंगे और न भारत रुकेगा', पढ़ें- राष्ट्रपति के अभिभाषण की बड़ी बातें

राष्ट्रपति के अभिभाषण का 19 विपक्षी दल द्वारा बहिष्कार किया गया है। एक घंटे चले राष्ट्रपति के अभिभाषण के दौरान कोरोना काल किसानों के मुद्दे समेत देश की प्रग्रति के लिए उठाए गए फैसलों पर जानकारी दी गई।

नई दिल्ली, एजेंसी। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के अभिभाषण के साथ शुक्रवार को बजट सत्र की शुरुआत हुई। दो हिस्सों में चलने वाला बजट सत्र 8 अप्रैल तक चलेगा। बजट सत्र पहला चरण आज से 15 फरवरी तक चलेगा जबकि दूसरा हिस्सा 8 मार्च से 8 अप्रैल तक चलेगा। वहीं, एक फरवरी को संसद में वित्त वर्ष 2021-22 का आम बजट पेश किया जाएगा। इसके अलावा राष्ट्रपति के अभिभाषण का 19 विपक्षी दल द्वारा बहिष्कार किया गया है। एक घंटे चले राष्ट्रपति के अभिभाषण के दौरान कोरोना काल, किसानों के मुद्दे समेत देश की प्रग्रति के लिए उठाए गए फैसलों पर जानकारी दी गई। 

बड़ी बातें

-राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा, उच्चतम न्यायालय के फैसले के उपरांत भव्य राम मंदिर का निर्माण शुरू हो चुका है।

-राष्ट्रपति बोले- कभी हमारे यहां सिर्फ 2 मोबाइल फैक्ट्रियां थीं। आज भारत दुनिया का दूसरा सबसे ब

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-राष्ट्रपति बोले- गरीब के हक का राशन कोई दूसरा न छीन ले, इसके लिए शत प्रतिशत राशन कार्ड को डिजिटल किया जा चुका है, 90 फीसद राशन कार्डों को आधार से जोड़ा जा चुका है।

-राष्ट्रपति ने जानकारी दी- भारत मिशन के तहत 10 करोड़ से ज्यादा शौचालय बनाए गए। गरीब बहन-बेटी की गरिमा बढ़े, उनकी परेशानी कम हो, इसके लिए स्वच्छ भारत मिशन के तहत काम किया जा रहा है।

-राष्ट्रपति ने कहा, गरीब को बैंकिंग व्यवस्था का लाभ मिले, इसके लिए 41 करोड़ से अधिक गरीबों के जनधन खाते खोले गए. इनमें से आधे से अधिक खाते हमारी गरीब बहनों और बेटियों के हैं।

-राष्ट्रपति ने देश में आयुष्मान योजना के लाभों का जिक्र किया। उन्होंने कहा, ' प्रधानमंत्री भारतीय जन-औषधि योजना के तहत देश भर में बने 7 हजार केंद्रों से गरीबों को बहुत सस्ती दर पर दवाइयां मिल रही हैं। आयुष्मान भारत - प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत देश में 1.5 करोड़ गरीबों को 5 लाख रुपए तक का मुफ्त इलाज मिला है। इससे इन गरीबों के 30 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा, खर्च होने से बचे हैं।'

-राष्ट्रपति बोले- नक्सली हिंसा की घटनाओं में बड़ी कमी आई है और नक्सल प्रभावित क्षेत्र का दायरा सिमट रहा है। मेरी सरकार की विकास नीति को जम्मू कश्मीर के लोगों ने भी भरपूर समर्थन दिया है। कुछ सप्ताह पहले ही, आजादी के बाद पहली बार, जम्मू कश्मीर में जिला परिषद के चुनाव सफलता के साथ संपन्न हुए हैं। आर्टिकल 370 के प्रावधानों के हटने के बाद जम्मू-कश्मीर के लोगों को नए अधिकार मिले हैं।

-राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद बोले- रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता पर भी सरकार का जोर है। कुछ दिन पहले ही सरकार ने HAL को 83 स्वदेशी लड़ाकू विमान तेजस के निर्माण का ऑर्डर दिया है।

-चीन के साथ हुए संघर्ष पर बोले राष्ट्रपति- जून 2020 में हमारे 20 जवानों ने मातृभूमि की रक्षा के लिए गलवान घाटी में सर्वोच्च बलिदान दिया। हर देशवासी इन शहीदों का कृतज्ञ है। मेरी सरकार, देश के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह कटिबद्ध है। LAC पर भारत की संप्रभुता की रक्षा के लिए अतिरिक्त सैन्यबलों की तैनाती की गई है।

-महिलाओं को बढ़ावा देने पर बोले राष्ट्रपति- भारतीय वायुसेना की फाइटर स्ट्रीम हो, मिलिट्री पुलिस में महिलाओं की नियुक्ति हो, या फिर अंडर ग्राउंड माइन्स में तथा ओपन कास्ट माइन्स में महिलाओं को रात्रि में कार्य करने की अनुमति ये सभी निर्णय पहली बार मेरी सरकार ने ही लिए हैं।

-26 जनवरी को हुए बवाल पर राष्ट्रपति ने कहा, पिछले दिनों हुआ तिरंगे और गणतंत्र दिवस जैसे पवित्र दिन का अपमान बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। जो संविधान हमें अभिव्यक्ति की आजादी का अधिकार देता है, वही संविधान हमें सिखाता है कि कानून और नियम का भी उतनी ही गंभीरता से पालन करना चाहिए।-देश में तीन कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन चल रहा है। अभिभाषण के दौरान राष्ट्रपति बोले- मेरी सरकार ने स्वामीनाथन आयोग की सिफ़ारिशों को लागू करते हुए लागत से डेढ़ गुना MSP देने का फैसला भी किया था। मेरी सरकार आज न सिर्फ MSP पर रिकॉर्ड मात्रा में खरीद कर रही है बल्कि खरीद केंद्रों की संख्या को भी बढ़ा रही है।

सरकार ने बीते 6 वर्षों में बीज से लेकर बाज़ार तक हर व्यवस्था में सकारात्मक परिवर्तन का प्रयास किया है, ताकि भारतीय कृषि आधुनिक भी बने और कृषि का विस्तार भी हो।

मेरी सरकार यह स्पष्ट करना चाहती है कि तीन नए कृषि कानून बनने से पहले, पुरानी व्यवस्थाओं के तहत जो अधिकार थे तथा जो सुविधाएं थीं, उनमें कहीं कोई कमी नहीं की गई है। बल्कि इन कृषि सुधारों के जरिए सरकार ने किसानों को नई सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ-साथ नए अधिकार भी दिए हैं।

-कोरोना काल में वंदे भारत मिशन एक बहुत बड़ा अभियान था, जिसका जिक्र करते हुए राष्ट्रपति ने कहा, 'वंदे भारत मिशन, दुनिया में इस प्रकार का सबसे बड़ा अभियान है, उसकी सराहना हो रही है। भारत ने दुनिया के सभी हिस्सों से लगभग 50 लाख भारतीयों को स्वदेश वापस लाने के साथ ही एक लाख से अधिक विदेशी नागरिकों को भी उनके अपने देशों तक पहुंचाया है।

-टीकाकरण अभियान पर बात करते हुए राष्ट्रपति ने कहा, हमारे लिए गर्व की बात है कि आज भारत दुनिया का सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान चला रहा है। इस प्रोग्राम की दोनों वैक्सीन भारत में निर्मित हैं। संकट के समय में भारत ने मानवता के प्रति अपने दायित्व का निर्वहन करते हुए अनेक देशों को कोरोना वैक्सीन की लाखों खुराक उपलब्ध कराई हैं।

-राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद- 'प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना' के माध्यम से 8 महीनों तक 80 करोड़ लोगों को 5 किलो प्रतिमाह अतिरिक्त अनाज निशुल्क सुनिश्चित किया गया। करीब 31 हज़ार करोड़ रुपए गरीब महिलाओं के जनधन खातों में सीधे ट्रांसफर भी किए।

-राष्ट्रपति ने कोरोना काल का जिक्र करते हुए कहा, 'मुझे संतोष है कि मेरी सरकार के समय पर लिए गए सटीक फैसलों से लाखों देशवासियों का जीवन बचा है। आज देश में कोरोना के नए मरीजों की संख्या भी तेजी से घट रही है और जो संक्रमण से ठीक हो चुके हैं उनकी संख्या भी बहुत अधिक है।'