दिल्ली को लूट रहे जामताड़ा के ठग, साइबर क्राइम सेल ने झारखंड में डाला डेरा

 


जामताड़ा के साइबर अपराधियों के निशाने पर देश की राजधानी दिल्ली ( प्रतीकात्मक फोटो)।

दिल्ली की कई बड़ी हस्तियां भी इनका शिकार हुई हैं। दिल्ली साइबर क्राइम सेल की टीम द्वारिका ठगी के दस मामलों को अंजाम देने वाले अपराधियों की तलाश कर रही है। करीब एक करोड़ की ठगी हुई है। इनमें इसी वर्ष की दो बड़ी वारदातें शामिल हैं।

जामताड़ा । झारखंड के साइबर अपराधी दिल्ली लूट रहे हैं। दिल्ली के द्वारिका इलाके में रहने वाले के पढ़े-लिखे लोगों को जामताड़ा, धनबाद व साहिबगंज, देवघर व गिरिडीह के ठग शिकार बना रहे हैं। साल के पहले महीने में भी ठगों ने कई शिकार किए हैं। गूगल पर बैंक कस्टमर केयर में ये अपना नंबर डालकर ठगी करते हैं। इनको दबोचने के लिए द्वारिका जिले की साइबर क्राइम सेल की 18 सदस्यीय टीम झारखंड के कई जिलों में डेरा डाले है। 11 दिनों में तीन जिलों से पांच साइबर अपराधियों को उठाया है। टीम के अधिकारी अनुसंधान बाधित होने की वजह से गिरफ्तार अपराधी व ठगी के शिकार लोगों के बारे में जानकारी देने से बच रहे हैं। 

बड़ी-बड़ी हस्तियां हो रही शिकार

दिल्ली की कई बड़ी हस्तियां भी इनका शिकार हुई हैं। दिल्ली साइबर क्राइम सेल की टीम द्वारिका ठगी के दस मामलों को अंजाम देने वाले अपराधियों की तलाश कर रही है। करीब एक करोड़ की ठगी हुई है। इनमें इसी वर्ष की दो वारदातें शामिल हैं। डीएसपी महेंद्र मिश्रा के नेतृत्व में पांच इंस्पेक्टर, संबंधित कांडों के आइओ व जवान आए हैं। ये धनबाद, जामताड़ा, देवघर, गिरिडीह, साहिबगंज में ऑपरेशन चला रहे हैं। धनबाद के गोविंदपुर से दो, बरवाअड्डा से एक, जामताड़ा के करमाटांड़ से एक तथा साहिबगंज से एक अपराधी को पकड़ा है। इनको ट्रांजिट रिमांड पर द्वारिका भेजा जा चुका है। अन्य की तलाश जारी है। धनबाद से पकड़ाए तीनों अपराधी एक ही गिरोह के हैं।

  1.   द्वारिका के बिंदापुर थाना की एक महिला के एफडी खाते से दस लाख रुपये उड़ा लिए। दरअसल महिला का पर्स खो गया। उसमें एटीएम कार्ड था। उसे ब्लॉक करने के लिए महिला ने बैंक का कस्टमर केयर नंबर गूगल से लेकर डायल किया। यहां साइबर अपराधियों ने अपना नंबर डाला था। साइबर अपराधी ने महिला का कार्ड ब्लॉक करने के नाम पर सारी जानकारी ले ली और उनके एफडी खाते से रकम निकाल ली। महिला को जानकारी तब मिली जब मोबाइल पर दस लाख रुपये निकाले जाने का संदेश आया। इसी कांड में टीम ने तीन अपराधियों को धनबाद से पकड़ा है। 
  2.  दिल्ली के मोहनगार्डन थाना क्षेत्र का है। पीडि़त ने राशि निकासी के लिए एटीएम में कार्ड डाला। रुपये नहीं निकले तो बैंक से मदद के लिए गूगल सर्च में जाकर कस्टमर केयर पर मौजूद नंबर लिया। यहां साइबर अपराधी ने खाताधारक को एप डाउनलोड करवा दिया। अपराधी के कहने पर पीडि़त ने बैंक संबंधित डाटा उसमें लोड किया तो खाते से एक लाख एक हजार रुपये निकल गए।
     मामला द्वारिका नार्थ थाना का है। खाताधारक को साइबर ठग ने मोबाइल से कॉल कर बताया कि सेविंग एकाउंट बंद हो रहा है। केवाईसी करवाने को ठग ने लिंक भेजा। लिंक में डिटेल भरते ही खाते से 1.37 लाख निकल गए। अन्य सात कांडों में शामिल ठगों की तलाश में टीम ने देवघर, गिरिडीह व अन्य जिलों में छापेमारी की है।

द्वारिका जिले की साइबर क्राइम सेल की 18 सदस्यीय टीम ठगी के दस मामलों की जांच करने आई है। धनबाद, जामताड़ा व साहिबगंज से तीन कांडों के पांच अपराधियों को पकड़ा गया है। कस्टमर केयर पर फर्जी नंबर डालकर व खुद को बैंक अधिकारी बताकर ठगी की गई है। पीडि़त व अपराधी का खुलासा करने पर अनुसंधान प्रभावित होगा। झारखंड पुलिस हर सहयोग कर रही है।