कोरोना के टीकाकरण में सेटिंग का खेल, मेरठ समेत UP के कई जिलों में रातोंरात बदल जा रही सूची

 

मेरठ मे कोरोना की वैक्‍सीन लगवाने में जुगाड़ का खेल।

 मेरठ में कोरोना वैक्‍सीनेेेेेशन में सेटिंग का मामला सामने आया है। यहां एक ऐसे व्‍यक्ति को कोरोना का टीका लगाया गया जिसका नाम सूची में कभी था ही नहीं लेकिन रातोंरात सूची बदल दी गई। ऐसा ही खेल यूपी के कई जिलों में चल रहा है।

मेरठ। कोरोना टीकाकरण में भी भाई-भतीजावाद और अपने-पराये का खेल शुरू कर दिया गया है। टीकाकरण की सूची में रातोंरात दूसरों का नाम शामिल कर उन्हें वैक्सीन लगाई जा रही है। परिवार कल्याण के महानिदेशक के पत्र से प्रशासन में हलचल मच गई है। मेरठ समेत अन्य जिलों में फर्जी लाभर्थियों के नाम पकड़ में आए हैं। शासन ने पोर्टल पर छेड़छाड़ करने वालों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है।

राजनीतिक लोगों को भी लगा दी वैक्सीन: 16 जनवरी से देशभर में कोरोना का टीकाकरण शुरू किया गया। डीजी चिकित्सा परिवार कल्याण डा. राकेश दुबे ने 29 जनवरी को जिलों को पत्र भेजकर आगाह किया कि कई जिलों में स्वास्थ्य सेवा से जुड़े कर्मचारियों के गैर पंजीकृत स्वजन, चिकित्सा कार्य छोड़ चुके डाक्टरों, राजनीतिक लोगों एवं गैर पंजीकृत कई अन्य लोगों को वैक्सीन लगाई गई है। गत दिवस प्रशासन के साथ हुई अहम बैठक में सíवलांस सेल ने भी यह प्रकरण अधिकारियों के समक्ष उठाया था।

पोर्टल पर कहां से चढ़ा नाम

शासन का पत्र आने पर विभाग हरकत में आया है। कोविड पोर्टल पर बनने वाली सूची को नए सिरे से खंगाला जा रहा है। शासन ने साफ किया है कि वैक्सीन सिर्फ सरकारी या निजी चिकित्सा के सक्रिय डाक्टरों, स्टाफ नर्स, वार्ड ब्वाय, स्वीपर, फार्मासिस्ट, लैब टेक्नीशियन एवं अन्य विभाग में काम करने वालों को ही लगाई जाएगी। रोजाना इसकी एंट्री शासन को भेजी जा रही है। सीएमओ डा. अखिलेश मोहन ने कहा कि डीजी का पत्र मिला है, जिसमें गैर पंजीकृत लोगों को टीका लगाने की बात कही गई है। यह गंभीर मामला है, लेकिन मेरठ में सिर्फ पंजीकृत लोगों को ही टीका लगाया जा रहा है। 

कल नौ मरीज मि‍ले

कोरोना संक्रमण पर नियंत्रण होता नजर आ रहा है। सीएमओ डा. अखिलेश मोहन ने बताया कि शुक्रवार को 3952 सैंपलों की जांच की गई, जिसमें नौ में वायरस की पुष्टि हुई। 181 सैंपलों की रिपोर्ट प्रतीक्षा में रखी गई है। 13 मरीज डिस्चार्ज किए गए हैं। सक्रिय मरीजों की संख्या 503 है और 55 मरीज होम आइसोलेशन में रखे गए हैं। उधर, मेडिकल कालेज में मरीजों की संख्या लगातार दस से कम बनी हुई है।