लुधियाना में सिस्टम फिर शर्मसार...10 दिन पहले पार्क में डिलीवरी, अब सिविल अस्पताल के लेबर रूम के बाहर बच्चे का जन्म

 


फर्श पर प्रसव होने के बाद लेबर रूम के वार्ड में भर्ती प्रसूता किरण और नवजात

लुधियाना के मदर एंड चाइल्ड अस्पताल लुधियाना में फिर स्टाफ की लापरवाही सामने आई है। महिला के पति ने लेबर रूम के गेट के पास फर्श पर डिलीवरी होने का आरोप लगाया है। वहीं लेबर रूम का स्टाफ फर्श पर डिलीवरी की बात से इंकार कर रहा है।

लुधियाना। सिविल अस्पताल लुधियाना के परिसर में स्थित मदर एंड चाइल्ड अस्पताल में शनिवार को लापरवाही की एक और घटना सामने आई। प्रसव के लिए पहुंची गर्भवती को समय पर भर्ती नहीं करने पर उसकी डिलीवरी टायलेट के पास लेबर रूम के गेट पर हो गई। नवजात के फर्श पर गिरने से जब महिला चिल्लाई तो लेबर रूम का स्टाफ वहां पहुंचा और जच्चा-बच्चा को संभाला। महिला के पति ने आरोप लगाया कि लेबर रूम के स्टाफ की लापरवाही के कारण ऐसा हुआ है। वहीं, लेबर रूम का स्टाफ फर्श पर डिलीवरी की बात से इंकार कर रहा है। स्टाफ का कहना है कि डिलीवरी लेबर रूम में स्ट्रेचर पर हुई है।

प्रसूता का पति साहुल यादव घटना की जानकारी देते हुए। (जागरण)

लेबर रूम में गर्भवती महिलाओं की संख्या अधिक

छोटी ढंडारी के रहने वाले साहुल यादव ने आरोप लगाया कि सुबह नौ बजे उनकी पत्नी किरण को प्रसव पीड़ा शुरू हुई। सवा दस बजे वह एंबुलेंस से सिविल अस्पताल पहुंचे। वहां से पैदल मदर एंड चाइल्ड अस्पताल के ग्राउंड फ्लोर पर स्थित लेबर रूम तक पहुंचे। लेबर रूम में गर्भवती महिलाओं की संख्या अधिक थीं लेकिन ड्यूटी पर सिर्फ दो स्टाफ नर्स थीं। मौजूद नर्सों ने उन्हें साइड में खड़े होकर इंतजार करने के लिए कहा।

इसके बाद भी गर्भवती को लेबर रूम में भर्ती नहीं किया गया। वह लेबर रूम से सटे टायलेट में गई। दो मिनट बाद वापस आई तो उसे तेज दर्द होने लगा। वह दीवार से सटकर लेबर रूम में गेट के पास बैठ गई। वहीं पर डिलीवरी हो गई और नवजात फर्श पर गिर गया। इसके बाद लेबर रूम का स्टाफ बाहर आया और दोनों को स्ट्रेचर पर डालकर अंदर ले गया।
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फर्स पर नहीं, लेबर रूम में स्ट्रेचर पर हुई डिलीवरी : स्टाफ

शनिवार को सुबह के समय ड्यूटी पर दो स्टाफ नर्स तैनात थीं। उनका कहना है कि डिलीवरी लेबर रूम में स्ट्रेचर पर हुई है। गर्भवती के अस्पताल आने पर उसकी जांच कर भर्ती की फाइल बनाई गई। वह अकेले आई थी। भर्ती करने के समय कुछ टेस्ट करवाएं जाते हैं। महिला के पति को आवाज भी लगाई लेकिन वह मौके पर नहीं था। इस बीच गर्भवती टायलेट चली गई। वापस आने पर उसे दर्द शुरू हो गई। उसे स्ट्रेचर पर लिटाकर लेबर रूम ले जाया गया। गर्भवती करीब साढ़े दस बजे उनके पास आई थी और पौने ग्यारह बजे डिलीवरी हो गई।
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18 फरवरी को भी हुए थे शर्मसार
पिछले दस दिन में मदर एंड चाइल्ड अस्पताल में लेबर रूम के स्टाफ की लापरवाही का यह दूसरा मामला सामने आया है। 18 फरवरी को भी एक गर्भवती ने अस्पताल परिसर के पार्क में जुड़वा बच्चों को जन्म दिया था। जिनमें से बाद में बेटी की सीएमसी में मौत हो गई थी।