लुधियाना में 'लव जिहाद', अगवा कर 13 साल की लड़की से दुष्कर्म, गर्भवती होने पर बिहार में करवाई शादी

 

लुधियाना में लव जिहाद का मामला सामने आया है।

11 महीने पहले लुधियाना के काकोवाल रोड से 13 साल लड़की की अपहरण करके समुदाय विशेष के आरोपित ने उसके साथ दुष्कर्म किया। जब वह गर्भवती हो गई तो उसने उसकी शादी जबरन बिहार के अररिया में करवा दी।

लुधियाना। उत्तर भारत की प्रमुख औद्योगिक नगरी लुधियानामें सामने आए 'लव जिहाद' के मामले ने समाज को शर्मसार कर दिया। पंजाब पुलिस  की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। 11 महीने पहले काकोवाल रोड से 13 साल लड़की का अपहरण करके समुदाय विशेष के आरोपित ने दुष्कर्म किया। जब वह गर्भवती (pregnant)हो गई तो उसने उसकी शादी जबरन बिहार के अररिया में करवा दी। जब भी लड़की ने आरोपित के चंगुल से निकलने की कोशिश की, वह उसे कमरे में बंद कर बाहर से ताला जड़ देता था। 

वकीलों की मदद से लड़की को मुक्त करवाया

लड़की के परिवार की शिकायत के बाद भी थाना बस्ती जोधेवाल पुलिस (police) ने इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया। अब 11 महीने बाद सनातन धर्म रक्षा मंच व स्थानीय वकीलों की मदद से लड़की को मुक्त करवाया गया है। वहीं, अब हाई कोर्ट (High Court) के दखल के बाद 13 साल की मासूम का गर्भपात करवाया गया है। यहां प्रेस कांफ्रेंस (press Confrence) में लड़की ने बताया कि उसने दो बार आरोपित के चंगुल से भागने की कोशिश की पर नाकाम रही। वह जब भी उनके चंगुल से निकलने की कोशिश करती तो मारपीट की जाती थी। लड़की की मां ने प्रशासन से मांग की है कि आरोपित के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर उसे सजा दी जाए।                                                 

पुलिस ने नहीं की मदद

सनातन धर्म रक्षा मंच के अश्विनी हिंदू ने बताया कि जब उनके पास ये मामला आया तो उन्होंने सभी से सहयोग लेकर लड़की को ढूंढ निकाला। ये मामला लव जिहाद (Love Jihad) का है। इसके प्रति प्रशासन को जागरूक होने की जरूरत है। एडवोकेट नवीन शर्मा व अर्जुन वीर शर्मा ने कहा कि ये लव जिहाद के मामले अन्य राज्यों में सुनने को मिलते हैं लेकिन लुधियाना (Ludhiana) में ऐसा वाकया सामने आना खतरनाक संकेत है। नाबालिग के साथ दुष्कर्म और बाद में जबरदस्ती उसकी शादी बिहार में करवा देना बड़ा जुर्म है। शिकायत करने के बाद भी पुलिस की ओर से परिवार की कोई मदद नहीं की गई।

पुरुष कर्मी ने दर्ज किए लड़की के बयान

एडवोकेट नवीन शर्मा व अर्जुन वीर शर्मा ने कहा कि कानून के अनुसार महिला के बयान महिला पुलिस कर्मी ही ले सकती है। मगर इस मामले में पुरुष पुलिस कर्मी ने उसके बयान दर्ज किए। हैरत की बात यह है कि उस समय थाना बस्ती जोधेवाल की प्रभारी भी महिला सब इंस्पेक्टर थी।