किसान क्रेडिट कार्ड बनाना हुआ और आसान, 15 दिनों में आ जाएगा आपके पास

अब तक 1.82 करोड़ किसानों को क्रेडिट कार्ड जारी किए जा चुका है।

किसान क्रेडिट कार्ड (Kisan Credit Card) के आधार पर लिए गए लोन पर 7 फीसदी की दर से ब्याज लगता है। लेकिन अगर किसान एक लोन को एक साल के भीतर चुकता कर देता है तो उसे इस पर महज 4 फीसदी का ब्याज देना होगा।

 नई दिल्ली। किसानों की आय बढ़ाने और उनके हितों को ध्यान में रकते हुए केंद्र सरकार कई योजनाए चला रही है। किसान क्रेडिट कार्ड  से किसानों को खेती के लिए सस्ती दर पर लोन मिल रहा है। इसके तहत अब तक 1.82 करोड़ किसानों को क्रेडिट कार्ड जारी किए जा चुका है। सरकार का लक्ष्य ज्यादा से ज्यादा किसानों को क्रेडिट कार्ड देना है। इस योजना में किसान को 3 लाख रुपये तक का लोन दिया जाता है।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण  ने ट्विटर कर बताया कि पीएम नरेंद्र मोदी द्वारा किसान क्रेडिट कार्ड अभियान की शुरूआत किए हुए एक साल पूरा हो गया है। पिछले साल 29 फरवरी को उन्होंने ज्यादा से ज्यादा किसानों को क्रेडिट कार्ड देने के लिए इस अभियान को शुरू किया था। उन्होंने बताया कि किसान क्रेडिट कार्ड महज 15 दिन में ही मिल जा रही है। किसान क्रेडिट कार्ड पर लिए गए लोन पर 3 लाख रुपये तक पर कोई सर्विस चार्ज भी नहीं लगता है।

बता दें कि किसान क्रेडिट कार्ड को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि स्कीम से जोड़ दिया गया है। इससे उन किसानों को सहुलियत मिलती है, जो पहले से किसान सम्मान निधि स्कीम के तहत पंजिकृत हैं। इसके तहत लिए गए लोन पर 7 फीसदी की दर से ब्याज लगता है। अगर किसान लोन को समय पर चुका देता है तो उसे इस पर महज 4 फीसदी का ब्याज देना पड़ता है।

किसान क्रेडिट कार्ड के फायदे

- किसान क्रेडिट कार्ड के तहत बैंक की दर पर ब्याज दिया जाता है।

- किसान क्रेडिट कार्ड धारकों के लिए मुफ्त एटीएम कार्ड मुहैया किया जाता है।

- किसान क्रेडिट कार्ड में 3 लाख रुपये तक के कर्ज के लिए 2 फीसद प्रति वर्ष की दर से ब्याज छूट मिलती है।

- इसके तहत समय से पहले कर्ज चुकाने पर 3 फीसद प्रति वर्ष की दर से अतिरिक्त ब्याज छूट मिलती है।

- किसान क्रेडिट कार्ड के लोन पर फसल बीमा की कवरेज मिलती है।