रांची नगर निगम 200 करोड़ का म्युनिसिपल बांड जारी करेगा, बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज में होगा सूचीबद्ध

 

पांच महीने के अंदर रांची नगर निगम का बांड जारी कर दिया जाएगा।

 बताया गया कि पांच महीने के अंदर मार्केट में रांची नगर निगम का बांड आ जाएगा। रांची नगर निगम की अभी रेटिंग ट्रिपल बी है। इस बांड के जरिए नगर निगम मार्केट से 200 करोड़ रुपये जुटाएगा।

रांची, रांची नगर निगम शेयर मार्केट में 200 करोड़ रुपये का म्युनिसिपल बांड लाने जा रहा है। इसके लिए रांची नगर निगम के बांड को बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध कराया जाएगा। इसकी कवायद शुरू हो गई है। रांची नगर निगम के नगर आयुक्त ने नगर विकास विभाग के साथ एक राउंड की बैठक कर ली है। जल्द ही अगली बैठक में यह तय किया जाएगा कि इस बांड को लेकर ब्याज दर क्या होगी। कितने रुपये के बांड होंगे।

रांची नगर निगम के नगर आयुक्त मुकेश कुमार का कहना है कि पांच महीने के अंदर रांची नगर निगम का बांड जारी कर दिया जाएगा। सेबी द्वारा जारी दिशा निर्देशों के अनुसार रांची नगर निगम म्युनिसिपल बॉन्ड जारी कर सकता है। अभी रांची नगर निगम की रेटिंग ट्रिपल बी है। इस बांड के जरिए नगर निगम मार्केट से 200 करोड़ रुपये जुटाएगा। रांची नगर निगम यह रकम अपनी संपत्ति बनाने और नागरिक सुविधाओं में इजाफा करने में खर्च करेगा।

इस रकम से शॉपिंग मॉल बनाए जाएंगे। पार्किंग स्लाट तैयार होंगे, ताकि शहर में पार्किंग की सुविधा और यातायात को सुगम बनाया जा सके। बांड जारी करने को लेकर एके कैपिटल नामक एजेंसी से नगर निगम के अधिकारियों की बातचीत चल रही है। एजेंसी के साथ नगर निगम के अधिकारी दो बार बैठक कर चुके हैं। एजेंसी के साथ बैठक करने के बाद नगर निगम तय करेगा कि कितने-कितने रुपये के बांड होंगे और इसकी ब्याज दर क्या रखी जाए।

नगर निगम की रेटिंग के लिए क्रिसिल से चल रही बात

नगर आयुक्त मुकेश कुमार ने बताया कि नगर निगम की नए सिरे से रेटिंग कराई जाएगी। रेटिंग के लिए क्रेडिट रेटिंग एजेंसी क्रिसिल से बात चल रही है। अधिकारियों के बीच बैठक कर यह तय किया जाएगा कि किस एजेंसी से रेटिंग कराई जाए। कुछ लोग फिच से भी रेटिंग तय कराने की बात कह रहे हैं। अभी नगर निगम की रेटिंग ट्रिपल बी है। नए सिरे से रेटिंग कराने पर रांची नगर निगम की रेटिंग बढ़ेगी, क्योंकि उसकी आमदनी में इजाफा हुआ है।

केंद्र सरकार से मिलेंगे 26 करोड़ रुपये

रांची नगर निगम अगर 200 करोड़ रुपये का बांड जारी करेगा तो केंद्र सरकार उसे 26 करोड़ रुपये देगी। इस तरह 26 करोड़ रुपये शहर के विकास के लिए केंद्र सरकार की तरफ से मिलेंगे। केंद्र सरकार की यह नीति है कि वह 100 करोड़ रुपये के म्युनिसिपल बांड पर 13 करोड़ रुपये नगर निगम को जारी करती है।

क्या होते हैं म्युनिसिपल बांड

म्युनिसिपल बांड एक तरह का लेटर ऑफ क्रेडिट है। इसके तहत आम लोगों या संस्थाओं से पैसे जुटाए जाते हैं। बांड जारी करने वाली संस्था एक निश्चित समय के लिए रकम उधार लेती है और निश्चित रिटर्न के साथ पैसे वापस करने की गारंटी देती है। नगर निगम बांड नगर निकाय जारी करते हैं। इस बांड से जो रकम जुटाई जाती है, उससे शहर में विकास के कार्य किए जाते हैं। इन कार्यों के लिए बड़े पैमाने पर फंड की जरूरत होती है, जो नगर निगम सरकार से लेने के बजाय बांड के जरिए भी उठाते हैं।पूंजी बाजार नियामक सेबी ने शहरी नगर निकायों को नगर निगम या म्युनिसिपल बांड जारी करने की अनुमति 2015 में दी थी। सेबी के निर्देश के तहत सिर्फ वही शहरी नगर निकाय या नगर निगम ऐसे बांड जारी कर सकते हैं, जिनकी आमदनी लगातार पिछले 3 साल तक धनात्मक रही हो। पिछले एक साल में उनका कोई लोन डिफाल्टर ना हुआ हो। यानी वह डिफाल्टर नहीं हों। सार्वजनिक निवेश के लिए सिर्फ वही नगर निगम बांड जारी कर सकते हैं, जिनकी रेटिंग कम से कम ट्रिपल बी या इससे ज्यादा हो।

बांड से आमदनी पर मिलेगी इनकम टैक्स में छूट

म्युनिसिपल बांड में निवेश करने से लंबे समय में एक निर्धारित रिटर्न तो मिलता ही है, इनकम टैक्स में भी छूट मिलती है। शेयर बाजार में सूचीबद्ध होने के बाद आम लोग एक्सचेंजों के जरिए इसमें निवेश कर सकते हैं। इन बांड पर निवेशक को मिलने वाले रिटर्न पर इनकम टैक्स नहीं लगता है। इसकी एजेंसियों से रेटिंग जारी होती है, इसलिए इन्हें सुरक्षित निवेश भी माना जाता है। लोग सीधे नगर निगम या बैंक से बांड खरीद सकते हैं। कई लोग बॉन्ड फंड के जरिए भी म्युनिसिपल बॉन्ड में निवेश करते हैं। बांड लेने की प्रक्रिया क्या होगी। इसकी घोषणा नगर निगम द्वारा की जाती है

अब तक 11 नगर निगम जारी कर चुके हैं बांड

म्युनिसिपल बांड अब तक देश के 11 नगर निगम जारी कर चुके हैं। इन नगर निगमों में लखनऊ, अमरावती, विशाखापत्तनम, अहमदाबाद, कोलकाता, सूरत, भोपाल, इंदौर, पुणे, वाराणसी, गाजियाबाद, हैदराबाद आदि शामिल हैं।

'रांची को रमणीक बनाने और नागरिक सुविधाएं बढ़ाने के लिए रांची नगर निगम म्युनिसिपल बांड लाने जा रहा है। इसके लिए बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध कराने की कवायद चल रही है। पांच महीने के अंदर रांची नगर निगम का अपना म्युनिसिपल बांड आ जाएगा।' -मुकेश कुमार, नगर आयुक्त रांची नगर निगम।