रेल यात्रा के दौरान रहें सावधान, 29 लाख लोगों से रेलवे ने वसूले 141 करोड़

 

पिछले तीन सालों में उत्तर रेलवे में पकड़े गए 29 लाख यात्री

उत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी दीपक कुमार का कहना है कि बे टिकट यात्रियों से न सिर्फ रेलवे को आर्थिक नुकसान होता है बल्कि वैध टिकट लेकर सफर करने वालों को भी इनसे परेशानी होती है।

नई दिल्ली । बिना टिकट लिए सफर करने वाले यात्रियों पर अंकुश लगाना रेलवे के लिए बड़ी चुनौती है। इन्हें रोकने लिए बीच-बीच में विशेष अभियान चलाया जाता है। पकड़े जाने पर अच्छा खासा जुर्माना भी वसूला जाता है। उत्तर रेलवे में पिछले तीन सालों में बे टिकट यात्रियों से 141.71 करोड़ रुपये जुर्मना वसूला गया है। बावजूद इसके यह समस्या बरकरार है। कोरोना संकट के दौर में जबकि रेलवे स्टेशनों पर सख्ती है और बिना टिकट प्लेटफॉर्म पर पहुंचना मुश्किल है, फिर भी लोग अपनी हरकत से बाज नहीं आ रहे हैं। पिछले दस माह में ही लगभग 74 हजार बिना टिकट यात्री पकड़े गए हैं।

बिना टिकट यात्रा करने की प्रवृत्ति को रोकने के लिए कोरोना संकट से पहले उत्तर रेलवे के दिल्ली मंडल के साथ ही फिरोजपुर, अंबाला, मुरादाबाद व लखनऊ मंडल के बड़े स्टेशनों पर विशेष अभियान चलाया जा रहा था। कोरोना काल में लगभग दो माह तक ट्रेनों की आवजाही बंद रही। उसके बाद चल रही विशेष ट्रेनों में सिर्फ आरक्षित टिकट के साथ ही यात्रियों को सफर करने की अनुमति दी जाती है। अब कुछ अनारक्षित ट्रेनों का परिचालन भी शुरू हुआ है, इसलिए चौकसी बढ़ा दी गई है। कोरोना संकट के दौर में सिर्फ दिल्ली मंडल में इस तरह के 29 हजार यात्रियों से 1.178 करोड़ रुपये जुर्माना वसूला गया। उत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी दीपक कुमार का कहना है कि बे टिकट यात्रियों से न सिर्फ रेलवे को आर्थिक नुकसान होता है बल्कि वैध टिकट लेकर सफर करने वालों को भी इनसे परेशानी होती है। यात्रियों की सुरक्षा के लिहाज से भी यह गंभीर मामला है, इसलिए इन्हें रोकना जरूरी है। इसके लिए नियमित जांच के साथ ही विशेष अभियान चलाया जाता है।

एक हजार रुपये तक जुर्माना व जेल की सजा

अगर यात्री बिना टिकट के यात्रा करता हुआ पकड़ा जाता है तो उससे न्यूनतम 250 रुपये से लेकर एक हजार रुपये जुर्माना या छह माह की कैद या दोनों हो सकता है। इसके साथ ही ट्रेन के शुरुआत वाले स्टेशन से पकड़े जाने वाले स्थान या आगे जिस स्टेशन तक सफर करना है है वहां तक का किराया भी देना पड़ता है।

पकड़े गए बेटिकट यात्रियों की संख्या और जुर्माना

उत्तर रेलवे

वर्ष- बेटिकट यात्री पकड़े गए- वसूला गया जुर्माना

2018-19- 13.19 लाख-62.77 करोड़

2019-20-15.27 लाख-77.3014 करोड़

2020-21 (जनवरी तक)-74 हजार-3.6425 करोड़

कुल-29.2लाख-143.7142 करोड़

दिल्ली मंडलः-

वर्ष-पकड़े गए बेटिकट यात्री-वसूला गया जुर्माना

2018-19-5.86 लाख-18.8596 करोड़

2019-20-6.92 लाख-26.3307 करोड़

2020-21 (जनवरी तक)-29 हजार-1.178 करोड़

कुल -13.07 लाख- 46.3683 करोड़