तांडव' और 'मिर्जापुर 2' विवाद के बाद लोकसभा में गूंजी ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रेगुलेशन लगाने की मांग

मनोज कोटक ने कहा, 'नेटफ्लिक्स, अमेज़न प्राइम और हॉटस्टार डिजनी प्लस जैसे ओटीटी प्लेटफॉर्म संदेह के घेरे में हैl'

भाजपा के सांसद मनोज कोटक ने शून्य काल में लोकसभा में यह विषय रखाl उन्होंने कहा कुछ वेब सीरीज अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के आधार पर हिंसा और ड्रग्स को बढ़ावा दे रहे हैंl साथ ही उन्होंने यह भी कहा कुछ वेब सीरीज हिंदू देवी-देवताओं को अपमानित भी कर रही हैl

नई दिल्ली, भारतीय जनता पार्टी के 2 सांसदों ने लोकसभा में शुक्रवार को सरकार से निवेदन किया है कि वह ओटीटी प्लेटफॉर्म पर दिखाए जाने वाले कंटेंट और ओटीटी प्लेटफॉर्म को नियमों के दायरे में ले आएl इसके पीछे उन्होंने कारण दिया कि कई ओटीटी प्लेटफॉर्म हिंसा, ड्रग्स को बढ़ावा दे रहे है और हिंदू देवी-देवताओं को अपमानित कर रहे हैंl ओटीटी का पूरा अर्थ over-the-top मीडिया सर्विसेज प्लेटफॉर्म हैl यह पूरे देश में फैला हुआ है और इस पर दिखाया जाने वाला कंटेंट किसी भी सेंसर बोर्ड की जांच के दायरे में नहीं आता हैl

भाजपा के सांसद मनोज कोटक ने  शून्य काल में लोकसभा में यह विषय रखाl उन्होंने कहा, 'कुछ वेब सीरीज अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के आधार पर हिंसा और ड्रग्स को बढ़ावा दे रहे हैंl' साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि कुछ वेब सीरीज हिंदू देवी-देवताओं को अपमानित भी कर रही हैl

मनोज कोटक ने सरकार से मांग की कि भारत के युवाओं पर ओटीटी प्लेटफॉर्म के माध्यम से दिखाए जाने वाले कंटेंट से पड़ने वाले बुरे प्रभाव को देखते हुए इसे रेगुलेटिंग अथॉरिटी के पास से जांच करवानी चाहिएl उन्होंने यह भी कहा कि नेटफ्लिक्स, अमेज़न प्राइम और हॉटस्टार डिजनी प्लस जैसे कम से कम 40 ओटीटी प्लेटफॉर्म हैl

किरीट सोलंकी ने आगे कहा, 'मैं सूचना और प्रसारण मंत्री से निवेदन करूंगा कि वह ओटीटी कंटेंट का तुरंत प्रभाव से नियमन करेंl' गौरतलब है कि 'तांडव' और 'मिर्जापुर 2' नामक दो वेब सीरीज पर आरोप लगा है कि उन्होंने हिंदू देवी-देवताओं को न सिर्फ अपमानित किया है बल्कि हिंदू समुदाय के प्रति गलत जानबूझकर गलत कंटेंट भी बनाया है।