नीति आयोग ने कहा, 50 साल से ज्यादा उम्र वालों के मुफ्त टीकाकरण पर नहीं हुआ फैसला

 

राज्य प्रमुखों के साथ जल्द होगी बैठक

नीति आयोग के सदस्य और नेशनल टास्क फोर्स फोर COVID-19 के अध्यक्ष ने समाचार एजेंसी आइएएनएस से बात करते हुए कहा कि इस उम्र के लोगों के लिए मुफ्त वैक्सीनेशन को लेकर अभी तक कोई निर्णय नहीं लिया गया है।

नई दिल्ली, आइएएनएस। कुछ ही हफ्तों में 50 साल से ज्यादा उम्र वालों के लिए कोरोना के खिलाफ वैक्सीनेशन शुरू होने जा रहा है। वहीं, अभी तक इस बात पर कोई निर्णय नहीं लिया गया है कि वैक्सीनेशन मुफ्त होगा या नहीं। बता दें कि फिलहाल देश में स्वास्थ्यकर्मियों और फ्रंटलाइन वर्कर्स का टीकाकरण निशुल्क किया जा रहा है।

नीति आयोग के सदस्य और नेशनल टास्क फोर्स फोर COVID-19 के अध्यक्ष ने समाचार एजेंसी आइएएनएस से बात करते हुए कहा कि इस उम्र के लोगों के लिए मुफ्त वैक्सीनेशन को लेकर अभी तक कोई निर्णय नहीं लिया गया है। उन्होंने बताया कि इसे लेकर राज्य प्रमुखों के साथ बैठक की जाएगी और संभावनाओं पर चर्चा होगी। उन्होंने कहा, 'हम पहले से ही सभी स्वास्थ्य सेवाकर्मियों और फ्रंटलाइन श्रमिकों को मुफ्त टीके प्रदान कर रहे हैं। 50 साल से ज्यादा आयु के लोगों के मुफ्त टीकाकरण और खर्चों के बंटवारे को लेकर राज्य प्रमुखों और केंद्र के बीच मीटिंग की जाएगी।'

उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने देश की 30 करोड़ की आबादी के टीककरण के लिए तीन कैटेगरी बनाई हैं, जिसमें से एक करोड़ स्वास्थयकर्मी, दो करोड़ फ्रंटलाइन कर्मचारी और शेष 27 करोड़ सामान्य आबादी शामिल है। तीसरी कैटेगरी में पचास साल से ज्यादा उम्र वाले और वो लोग शामिल हैं जिनके कोरोना संक्रमित होने की संभावना ज्यादा है। सरकार स्वास्थ्यकर्मियों और फ्रंटलाइन श्रमिकों को मुफ्त टीके मुहैया करा रही है जो देश की कुल आबादी का 3 करोड़ हिस्सा हैं।

इसके अलावा, पॉल ने इस बात पर भी चर्चा की कि सरकार ने कोविड के टीके प्राप्त करने के लिए 50 वर्ष से अधिक आयु के लोगों को प्राथमिकता क्यों दी। उन्होंने कहा कि कोरोना के कारण हुई कुल मौतों में से 78 फीसद वो लोग थे, जिनकी आयु 50 साल से ज्यादा थी। उन्होंने कहा कि चूंकि कोविड-19 एक वायरल बीमारी है और डेटा बताता है कि यह 50 साल से ​​ऊपर के लोगों को इससे अधिक नुकसान होने का खतरा है।