6.5 करोड़ की धोखाधड़ी में यस बैंक का सर्विस पार्टनर गिरफ्तार

फर्जी इमेल भेज कंपनी के रुपये अन्य के खाते में कर दिया था स्थानातंरित

आरोपित ने बैंक को फर्जी इमेल भेज कंपनी के रुपये अन्य के खाते में स्थानातंरित कर दिए थे। पुलिस इस मामले में सह आरोपित को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। आरोपित ने धोखाधड़ी के रुपये से दुबई में प्रापर्टी ले ली थी।

नई दिल्ली । दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने 6.5 करोड़ की धोखाधड़ी में यस बैंक का सर्विस पार्टनर अरुण कुमार स्वामी को गिरफ्तार किया है। आरोपित ने बैंक को फर्जी इमेल भेज कंपनी के रुपये अन्य के खाते में स्थानातंरित कर दिए थे। पुलिस इस मामले में सह आरोपित को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। आरोपित ने धोखाधड़ी के रुपये से दुबई में प्रापर्टी ले ली थी। फिलहाल मामले की जांच जारी है।

ईओडब्ल्यू के संयुक्त पुलिस आयुक्त डा. ओ.पी. मिश्रा ने बताया कि इंटरोसेन शिपिंग कंपनी के अधिकारी अर्जुन सहगल ने धोखाधड़ी की शिकायत की थी। उन्होंने बताया कि उनकी कंपनी ने साउथ एक्सटेंशन स्थित यस बैंक में करोड़ों रुपये के तीन फिक्स डिपोजिट करवा रखे हैं। इसी बीच कंपनी को 6.5 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का पता चला। उक्त राशि कृष्णा प्रिंटर्स नाम के फर्म मालिक राम चंदर वैष्णव के खाते में गई थी। पुलिस ने वर्ष 2019 में इस संबंध में मुकदमा दर्ज मामले की छानबीन की तो पता चला कि धोखाधड़ी करने वालों ने कंपनी के फर्जी ईमेल आईडी से रुपये स्थानांतरित करने संबंधी अनुरोध पत्र बैंक को भेजा था। पत्र में कंपनी के जाली मुहर और अधिकारियों के फर्जी हस्ताक्षर थे।

छानबीन में पता चला कि धोखाधड़ी को यस बैंक बीकानेर व नागौर ब्रांच राजस्थान के सर्विस पार्टनर अरुण कुमार स्वामी ने अंजाम दिया है। ग्राहक नहीं होने के बावजूद वह कंपनी के बैंक खाते पर नजर रख रहा था। इसी बीच फर्जी मेल भेजकर उसने एफडी के रुपये अपने साथी व सह आरोपित राम चंद्र वैष्णव का खाते में ऑनलाइन भेज दिया था। बाद में दुबई में एटीएम के माध्यम से उन्होंने रुपये निकाल राशि को संपत्तियों में निवेश कर दिया था।

इस मामले में पुलिस ने वर्ष 2019 में ही राम चंद्र वैष्णव को गिरफ्तार कर लिया था। जबकि मुख्य आरोपित फरार था। उसकी तलाश में राजस्थान के बीकानेर स्थित पैतृक स्थान पर पुलिस लगातार छापा मार रही थी। इसी बीच अरुण कुमार स्वामी ने पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। पुलिस पांच दिन के रिमांड पर लेकर उससे पूछताछ कर रही है। मूल रूप से बीकानेर निवासी अरुण ने मेघालय विश्वविद्यालय से मास्टर ऑफ एडमिनिस्ट्रेशन की पढ़ाई की है।