रविशंकर प्रसाद बोले- जजों के फैसले पर सवाल उठाना गलत, इंटरनेट मीडिया का न करें दुरुपयोग

 

पटना हाईकोर्ट में संबोधित करते केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्री रविशंकर प्रसाद।

बिहार की राजधानी में शनिवार को पटना हाईकोर्ट के नए भवन का सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश शरद अरविंद बोबडे ने उद्घाटन किया। इस दौरान बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार व केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्री रविशंकर प्रसाद मौजूद रहे।

पटना, एएनआई। बिहार की राजधानी में शनिवार को पटना हाईकोर्ट के नए भवन का सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश शरद अरविंद बोबडे ने उद्घाटन किया। इस दौरान बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार व केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्री रविशंकर प्रसाद मौजूद रहे। इस मौके पर केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि कुछ देश भर में कोरोना काल के दौरान 76 लाख मामलों की सुनवाई हुई। इसमें से 24 लाख विभिन उच्च न्यायालयों में, 51 लाख निचली अदालतों में, सुप्रीम कोर्ट में 27 हजार जबकि पटना हाईकोर्ट में 26 हजार मामलों की सुनवाई हुई।

जजों के ऊपर टिप्पणी ठीक नहीं

रविशंकर प्रसाद ने कहा कि कुछ लोगों के हिसाब से फैसले नहीं होते तो वे जजों के ऊपर इंटरनेट मीडिया पर गलत टिप्पणी करने लगते हैं। यह ठीक नहीं है। कुछ चीजों पर कुछ लोगों की अलग राय हो सकती है लेकिन वे प्रचार करने लगते हैं कि इस तरह का निर्णय होना चाहिए। न्यायाधीश के निर्णय पर सवाल उठाना गलत है। ऐसे में कुछ लोग इंटरनेट मीडिया का गलत इस्तेमाल करने लगते हैं। रविशंकर ने कहा कि पटना हाईकोर्ट से उनका आत्मीय संबंध रहा है। यहीं से मैंने वकालत शुरू की और मंत्री तक के पद पर गया। उन्होंने कहा कि जब भी यहां आता हूं पुरानी यादें ताजा हो जाती हैं।  

न्यायपालिका दोषियों को जल्दी सजा दिलाए: मुख्यमंत्री 

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने न्यायपालिका की कार्य प्रणाली की तारीफ करते हुए कहा कि कार्यपालिका का काम कार्य करना है जबकि विधायिका का कानून बनाना। दूसरी ओर न्यायपालिका का काम न्याय देना है, इसलिए मैं उम्मीद करता हूं कि न्यायपालिका दोषियों को शीघ्र कटघरे में खड़ा करे तभी कानून का राज्य स्थापित हो सकता है। उन्होंने कहा कि अपराध नियंत्रण के कार्य में न्यायपालिका की अहम भूमिका होती है। इसलिए न्यायपालिका से उम्मीद है कि जितना जल्दी हो सके ट्रायल के कार्य में तेजी लाए। नीतीश ने कहा कि न्यायपालिका के लिए जितने पदों की जरूरत होगी सृजित किया जाएगा। साथ ही मैं न्यायपालिका की सारी जरूरतों को तत्काल पूरा करूंगा।