आरक्षण की मांग: सरकार और कानून के दायरे में जो भी संभव होगा, सरकार करेगी- सीएम येदियुरप्पा

 

आरक्षण की मांग: सरकार और कानून के दायरे में जो भी संभव होगा, सरकार करेगी- सीएम येदियुरप्पा

पंचमाली संप्रदाय श्रेणी 2 ए की स्थिति के लिए मांग रहे हैं जबकि कुरुबा अनुसूचित जनजाति टैग के लिए आंदोलन कर रहे हैं। वाल्मीकि समुदाय भी मांग कर रहा है कि एसटी के लिए आरक्षण 3 फीसद से बढ़ाकर 7.5 फीसद किया जाए।

बेंगलुरु, पीटीआइ। बेहतर आरक्षण के लिए राज्य में विभिन्न समुदायों की मांग के बीच, कर्नाटक के मुख्यमंत्री बी एस येदियुरप्पा ने बुधवार को कहा कि उनकी सरकार कानून और संविधान के दायरे में जो भी संभव होगा वह करेगी। उन्होंने एक सवाल के जवाब में यहां संवाददाताओं से कहा, 'हम संविधान और कानून के दायरे में जो कुछ भी संभव है उसे करने के लिए ईमानदारी से प्रयास करेंगे। देश के अन्य राज्यों में जो किया गया है, वह मैं यहां कर सकता हूं।'

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मामले पर चर्चा की जा रही है और कानूनी विशेषज्ञों, महाधिवक्ता और अन्य महत्वपूर्ण लोगों से परामर्श करने के बाद, सरकार से जो भी संभव हो सकेगा, वो करने की कोशिश करेगी। बता दें कि पंचमाली लिंगायत, कुरुबा और वाल्मीकि समुदायों के लिए आरक्षण को संशोधित करने की मांग की गई है।

पंचमाली संप्रदाय श्रेणी 2 ए की स्थिति के लिए मांग रहे हैं, जबकि  कुरुबा अनुसूचित जनजाति टैग के लिए आंदोलन कर रहे हैं। वाल्मीकि समुदाय भी मांग कर रहा है कि एसटी के लिए आरक्षण 3 फीसद से बढ़ाकर 7.5 फीसद किया जाए। इस बीच, महर्षि वाल्मीकि गुरुपीठ सेर प्रसन्नानंद स्वामी ने चेतावनी दी है कि अगर एक महीने के भीतर आरक्षण में बढ़ोतरी की घोषणा नहीं की गई तो वह अनिश्चितकालीन उपवास करेंगे।