रोहतक अखाड़ा फायरिंग: कुश्‍ती कोच सुखवेंद्र कहता था बड़ा काम करूंगा, जानें घटना के क्‍या थे कारण

 

रोहतक के अखाड़े में फायरिंग के बाद जांच करती पुलिस टीम व अधिकारी। (जागरण)

 रोहतक के कुश्‍ती अखाड़े में फायरिंग करने वाला कोच सुखवेंद्र मोर अक्‍सर कहता था कि वह बड़ा काम करेगा और लोग उसे याद रखेंगे। लेकिन उसने कई परिवार उजाड़ दिए। दरअसल वह हेड कोच पद से हटाए जाने से खुन्‍नस पाले हुए था।

रोहतक, रोहतक के जाट कालेज के अखाड़े में नृशंस हत्याकांड के अभियुक्त सुखवेंद्र मोर कई दिनों से साजिश रच रहा था। वह पिछले कई दिनों से प्रैक्टिस के दौरान भी बार-बार कहता था कि कुछ बड़ा करूंगा। कुछ ऐसा करूंगा कि सब मुझे याद करेंगे। लेकिन, उसने अपनी खुन्‍नस में कई परिवार उजाड़ दिए। कोई सोच भी नहीं सकता था कि कुछ बड़ा करने की बात कह वह इतने नृशंस हत्याकांड के बारे में सोच रहा था। बताया जाता है कि वह कभी अखाड़े में सीनियर हुआ करता था, ले‍किन अब मनोज मलिक को हेड कोच बना दिया गया था। इससे सुखवेंद्र को मनोज के अंडर काम करना पड़ रहा था। इसी से वह रंजिश रखता था।

सुखवेंद्र वैसे कोच मनोज मलिक से सामान्य व्यवहार ही करता रहा। घटना के बाद जो जानकारियां सामने अा रही है उससे साफ हो रहा है कि पूरी घटना की साजिश वह पहले से रच रहा थ और वह चाहता था कि मनोज और उसके परिवार को मौत के घाट उतारने के बाद निकल जाए। इसलिए उसने कमरे का ताला बंद कर वहां से भागने लगा, लेकिन फायरिंग की आवाज सुनकर कोच सतीश दलाल, कोच प्रदीप, कोच अमरजीत और महिला पहलवान पूजा ऊपर की तरफ दौड़े और उसने उन्हें भी गोलियां मार दीं।

फायरिंग में घायल हुए अमरजीत रोहतक के ही मेहर सिंह अखाड़े के कोच हैं। मेहर सिंह अखाड़े के पहलवानों ने बताया कि देर शाम उनके कोच अमरजीत के पास सुखवेंद्र का फोन आया था। उसने अमरजीत से कहा कि वह उसकी नौकरी लगवा देगा। एक बार अखाड़े में आकर मिल ले। फोन आने के बाद अमरजीत वहां पर चले गए थे।

ये हो सकते हैं कारण

- जाट कालेज के अखाड़े में मनोज मलिक हेड कोच के पद पर था। सुखवेंद्र उसके अंडर काम करता था। इससे पहले सुखवेंद्र वहां पर सीनियर हुआ करता था।

- सुखवेंद्र का कोच सतीश दलाल के साथ भी विवाद था। कई बार उनके बीच समझौते के प्रयास भी हुए, लेकिन बात नहीं बन सकी।

-सुखवेंद्र और उसकी पत्‍नी को परिवार ने भी चल-अचल संपत्ति से बेदखल कर रखा था। इस वजह से सुखवेंद्र काफी तनाव में रहता था। आशंका है कि हत्याकांड की एक वजह यह भी हो सकती है।------

एसआइटी गठित, सात टीमों की दबिश जारी

सुखवेंद्र को पकड़ने के लिए देर रात ही एसपी राहुल शर्मा ने एसआइटी गठित कर दी। आरोपित को पकड़ने के लिए थाना पुलिस के अलावा सीआइए और एंटी व्हीकल थेफ्ट के स्टाफ समेत सात टीमों को लगाया गया है। जो आरोपित को पकड़ने के लिए ताबड़तोड़ दबिश दे रही है। एसपी का दावा है कि जल्दी ही आरोपित को पकड़ लिया जाएगा।

सांपला की तरफ भागा

आरोपित का नाम सामने आने के बाद तुरंत उसके मोबाइल की लोकेशन खंगाली गई, जो सांपला एरिया की तरफ मिली। हालांकि इसके बाद उसकी लोकेशन के बारे में जानकारी नहीं मिल सकी। पुलिस भी आशंका जता रही है कि वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपित सांपला की तरफ भागा होगा। वारदात के बाद एफएसएल इंचार्ज डा. सरोज मलिक दहिया ने भी जाट कालेज के अखाड़े में पहुंचकर सुबूत जुटाए।

पहलवानों में रोष

इस वारदात को लेकर पहलवानों में रोष व्याप्त हो गया है। वारदात की सूचना मिलने पर जाट कालेज अखाड़ा, निजी अस्पताल, जहां घायलों को भर्ती कराया और इसके बाद पीजीआइएमएस के ट्रामा सेंटर के बाहर पहलवानों का जमावड़ा लग गया। जाट कालेज अखाड़ा में प्रैक्टिस करने वाले पहलवानों में गुस्सा भी दिखाई दे रहा था। उधर, सहायक प्राध्यापक मनोज के स्वजन व अन्य लोगों में मातम पसर गया। अस्पताल और वारदात स्थल पर उनका रो-रोकर बुरा हाल था।