भाजपा ने प्रदूषण के मुद्दे पर दिल्ली सरकार को घेरा, लगाए कई गंभीर आरोप

 

दिल्ली प्रदेश भाजपा अध्यक्ष आदेश गुप्ता की प्रेस वार्ताः सौ. Adesh Gupta @adeshguptabjp के ट्वीटर से

आदेश गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार हमेशा दावा करती रही है कि वह प्रदूषण की समस्या हल करने को लेकर गंभीर है लेकिन हकीकत कुछ और है। उन्होंने कहा कि ग्रीन पीस की रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली में प्रदूषण से 54 हजार लोगों की मौत हुई।

 नई दिल्ली। दिल्ली प्रदेश भाजपा अध्यक्ष आदेश गुप्ता ने शनिवार को प्रेस वार्ता कर आम आदमी पार्टी पर जमकर निशाना साधा। प्रदूषण के मुद्दे पर केजरीवाल सरकार को घेरते हुए उन्होंने कहा कि ग्रीन पीस की रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली में प्रदूषण से 54 हजार लोगों की मौत हुई। वायु प्रदूषण की वजह से दिल्लीवासियों को फेफड़े की बीमारी हो रही है। कैंसर से पीड़ित हो रहे हैं। दिल की बीमारी हो रही है। प्रत्येक छठा बच्चा बीमार हो रहा है।

आदेश गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार हमेशा दावा करती रही है कि वह प्रदूषण की समस्या हल करने को लेकर गंभीर है, लेकिन हकीकत कुछ और है। प्रदूषण की समस्या हल करने के लिए ग्रीन बजट पेश किया गया था जिसमें 24 कदम उठाने की बात कही गई थी। इलेक्ट्रिक बसें खरीदने, एंटी स्माग टावर लगाने, छह करोड़ पौधे लगाने की बात हुई थी। कोई भी वादा पूरा नहीं किया गया। पिछले चार सालों में ग्रीन सेस के तौर पर 883 करोड़ रुपये लोगों से इकट्ठा किया गया। इसमें से मात्र 1.16 फीसद इसमें से खर्च किया गया।

पराली से दिल्ली में प्रदूषण होने की बात करते थे। अब पराली नहीं जल रहे हैं फिर भी प्रदूषण है। इसका कारण बताना चाहिए। पराली से खाद बनाने के लिए सरकार ने सिर्फ 40 हजार रुपये के डिकंपोजर खरीदे गए। ग्रीन पीस की रिपोर्ट आने के बाद सरकार ने सिर्फ एक कमेटी बना दी है। सरकार की लापरवाही का खामियाजा दिल्लीवासियों को उठाना पड़ रहा है। धूमपान नहीं करने वाले लोग भी फेफड़े के कैंसर से पीड़ित हो रहे हैं।

आदेश गुप्ता ने कहा कि सरकार को बताना चाहिए आड इवेन सहित अन्य कदम से प्रदूषण खत्म नहीं हुआ अब क्या करने जा रहे हैं। प्रदूषण की समस्या हल करने के लिए सरकार वैज्ञानिक तरीके से काम नहीं कर रही है। नगर निगम सहित अन्य एजेंसियों को साथ लेकर काम करने की जरूरत है, लेकिन सरकार ऐसा नही कर रही है। धूल से होने वाले प्रदूषण को रोकने के लिए सड़कों की दशा सुधारनी होगी। सरकार सड़कों की दशा सुधारने पर ध्यान नहीं दे रही है। हाई कोर्ट व एनजीटी की चिंता जताने के बावजूद वायु प्रदूषण की दशा सुधारने के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया।उन्होंने कहा कि यमुना को साफ करने के लिए भी कोई कदम नहीं उठाया गया। अधिकांश एसटीपी प्लांट सही तरीके से काम नहीं कर रहे हैं जिससे लोग दूषित जल पीने को मजबूर हैं।